MP में आयुष्मान भारत योजना के फर्जीवाड़े पर एक्शन; जांच के लिए स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट में 20 डॉक्टर तैनात
प्रशिक्षित डॉक्टर अस्पतालों के उपचार और दस्तावेजों की चिकित्सकीय-तकनीकी जांच को मजबूत कर संदिग्ध मामलों की समयबद्ध जांच में मदद करेंगे।
Publish Date: Wed, 16 Sep 2026 10:27:17 PM (IST)Updated Date: Wed, 16 Sep 2026 10:27:17 PM (IST)
प्रतीकात्मक फोटो।HighLights
- आयुष्मान भारत योजना में फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने की तैयारी
- स्टेट एंटी फ्राड यूनिट में 20 बंधपत्र चिकित्सकों की पदस्थापना की गई
- मेडिकल रिकार्ड और उपचार संबंधी दस्तावेजों की जांच पर फोकस
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। आयुष्मान भारत योजना में संदिग्ध मामलों और संभावित अनियमितताओं की पहचान को मजबूत करने के लिए स्टेट एंटी फ्राड यूनिट में 20 बंधपत्र चिकित्सकों की पदस्थापना की गई है।
इन चिकित्सकों को आयुष्मान भारत योजना से जुड़े मामलों की जांच के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया।
दस्तावेजों और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच होगी
प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सकों को संदिग्ध प्रकरणों की पहचान, उपचार संबंधी दस्तावेजों और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच, प्रकरणों के चिकित्सकीय परीक्षण तथा संभावित फर्जीवाड़े से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में आयुष्मान भारत निरामयम मप्र के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरविंद शाह ने मार्गदर्शन दिया।
अधिकारियों के अनुसार प्रशिक्षण का उद्देश्य स्टेट एंटी फ्राड यूनिट में कार्यरत चिकित्सकों की जांच क्षमता बढ़ाना और योजना से जुड़े संदिग्ध मामलों की प्रभावी एवं समयबद्ध जांच में सहयोग देना है।
जांच के बाद एक्शन
प्रशिक्षित चिकित्सकों की मदद से अस्पतालों में किए गए उपचार और संबंधित दस्तावेजों की चिकित्सकीय व तकनीकी जांच को मजबूती मिलेगी। साथ ही संभावित अनियमितताओं की समय पर पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।