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नीमच-मंदसौर में 2000 मेगावाट का सोलर प्रोजेक्ट, प्रदेश की 30% बिजली अब क्लीन एनर्जी, एमपी में किफायती बिजली पर जोर

मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश अब बिजली की कमी वाले राज्य से बिजली अधिशेष राज्य बन चुका है और अपनी जरूरतों के साथ देश की ऊर्जा आवश्यक...और पढ़ें

By naman MishraEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Tue, 22 Sep 2026 08:11:42 PM (IST)Updated Date: Tue, 22 Sep 2026 08:11:42 PM (IST)
नीमच-मंदसौर में 2000 मेगावाट का सोलर प्रोजेक्ट, प्रदेश की 30% बिजली अब क्लीन एनर्जी, एमपी में किफायती बिजली पर जोर
नवकरणीय ऊर्जा व ऊर्जा भंडारण से सस्ती बिजली खरीद पर भोपाल में मंथन।

HighLights

  1. सीएम ने किया ऑल इंडिया डिस्काम एसोसिएशन की कार्यशाला का शुभारंभ
  2. देशभर की 50 से अधिक बिजली वितरण कंपनियों के प्रतिनिधि हुए शामिल
  3. नवकरणीय ऊर्जा व ऊर्जा भंडारण से सस्ती बिजली खरीद पर भोपाल में मंथन

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। नवकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण के माध्यम से किफायती बिजली खरीद के विकल्पों पर मंथन के लिए मंगलवार को भोपाल में ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन की एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यशाला का आयोजन शहर के एक निजी होटल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। कार्यक्रम में देशभर की 50 से अधिक विद्युत वितरण कंपनियों के प्रतिनिधि और ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल हुए। मध्य प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों की सहभागिता भी रही।

प्रदेश की 32 हजार मेगावाट ऊर्जा क्षमता में 30 प्रतिशत स्वच्छ ऊर्जा

मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश अब बिजली की कमी वाले राज्य से बिजली अधिशेष राज्य बन चुका है और अपनी जरूरतों के साथ देश की ऊर्जा आवश्यकता पूरी करने में भी सक्षम है। प्रदेश में वर्तमान में करीब 32 हजार मेगावाट ऊर्जा क्षमता है, जिसमें लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छ ऊर्जा का है। उन्होंने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण केवल ऊर्जा जरूरतों के लिए ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन में लगातार नए रिकार्ड बना रहा है। नीमच-मंदसौर में दो हजार मेगावाट क्षमता की परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सौर, पवन और पंप भंडारण जैसी तकनीकों के उपयोग से पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने की दिशा में काम हो रहा है।

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सस्ती और भरोसेमंद बिजली पर विशेषज्ञों ने साझा किए सुझाव

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रहा है। बढ़ती मांग को पूरा करने के साथ बिजली को भरोसेमंद, टिकाऊ और किफायती बनाए रखना जरूरी है। सौर, पवन और ऊर्जा भंडारण का संतुलित उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि ऊर्जा बदलाव की लागत का अतिरिक्त भार उपभोक्ताओं पर न पड़े।