
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के निर्णय को हाई कोर्ट द्वारा अमान्य किए जाने के बाद मामला लगातार गर्माता जा रहा है। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब इस कानूनी लड़ाई ने जनआंदोलन का रूप ले लिया है।
हाई कोर्ट के फैसले के विरोध में 'OBC महासभा' ने राज्य सरकार के रुख का इंतजार किए बिना मैदानी स्तर पर उतरने की घोषणा कर दी है। संगठन 27 प्रतिशत आरक्षण की बहाली की मांग को लेकर मध्य प्रदेश में तीन चरणों में बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर रही है।
OBC महासभा की कोर कमेटी के सदस्य लोकेंद्र गुर्जर ने आंदोलन की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि संगठन 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण के अधिकार की रक्षा के लिए तीन अलग-अलग चरणों में विरोध प्रदर्शन आयोजित करेगा। आंदोलन की शुरुआत 15 अक्टूबर से होने जा रही है...
तत्कालीन कमलनाथ सरकार द्वारा 2019 में अध्यादेश के जरिए ओबीसी आरक्षण को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत किया गया था, जिसे हाल ही में हाई कोर्ट ने 14 प्रतिशत पर ही सीमित रखने का फैसला सुनाया है। इस फैसले के बाद जहां एक तरफ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दिल्ली में विधिक विशेषज्ञों के साथ सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी (SLP) दायर करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर कानून बनाने की मांग कर रही है। इन सबके बीच OBC महासभा के चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा से राज्य में सियासी व सामाजिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है।
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