
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और औषधि नियंत्रण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार अगले वर्षों में 3,224 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, उप स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के भवन निर्माण के लिए 3,113 करोड़ रुपये, ड्रग रेग्युलेटरी सिस्टम के सुदृढ़ीकरण के लिए 21 करोड़ और औषधि नियंत्रण से जुड़े कार्यों के लिए 111 करोड़ रुपये शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक में छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल एवं अन्य भवनों के निर्माण की संशोधित लागत 953 करोड़ रुपये करने की स्वीकृति भी दी गई। वर्ष 2022 में इसके लिए 768 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे। निर्माण लागत बढ़ने के पीछे जीएसटी की दर 12 से बढ़कर 18 प्रतिशत होने के साथ अलग विद्युत फीडर लाइन और भवन अनुज्ञा शुल्क में वृद्धि को वजह बताया गया है।
सिंगरौली जिला चिकित्सालय का विस्तार किया जाएगा। अस्पताल में 155 अतिरिक्त बिस्तर बढ़ाकर क्षमता 450 से 605 बिस्तर की जाएगी। आंतरिक और बाह्य विकास कार्यों के लिए 372 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
उज्जैन की कान्ह डायवर्सन क्लोज्ड डक्ट परियोजना को 2030-31 तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है। इस पर 358 करोड़ रुपये खर्च होंगे। परियोजना के तहत प्रदूषित कान्ह नदी के पानी को 30.15 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग और ढकी नहर के जरिए मोड़कर गंभीर नदी तक पहुंचाया जाएगा, ताकि कान्ह का पानी शिप्रा में न मिले।
बैठक में दतिया की मां रतनगढ़ बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना के लिए 1,608 करोड़, नीमच की रामपुरा-मनासा सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना के लिए 524 करोड़ और सागर की बंडा वृहद सिंचाई परियोजना के लिए 1,052 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
राज्य में वनोपज के परिवहन और अन्य राज्यों से आयातित वनोपज के लिए अभिवहन शुल्क एवं अनापत्ति प्रमाण-पत्र शुल्क की नई दरों को मंजूरी दी गई। सामान्य वनोपज के परिवहन पर एक घनमीटर तक 200 रुपये तथा इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त घनमीटर पर 100 रुपये शुल्क लगेगा।
खनिज वनोपज के परिवहन पर लाइम स्टोन, डोलोमाइट, फायर क्ले, मैंगनीज, तांबा, बॉक्साइट और कोयला आदि पर 81 रुपये प्रति टन तथा फ्लैग स्टोन, ग्रेनाइट, मार्बल और मिट्टी-पत्थर पर 52 रुपये प्रति टन शुल्क निर्धारित किया गया है।
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