
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। शहर के बीचोंबीच भारत टाकीज से बोगदा पुल रोड पर स्थित आरा मशीनों की शिफ्टिंग दो चरणों में की जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा योजना बनाई जा रही है। पहले चरण में मेट्रो की राह में आ रहीं 40 आरा मशीनों को शिफ्ट किया जाएगा, इनके लिए परवलिया सड़क स्थित छोटा रातीबड़ में प्लाट का काम पूरा हो चुका है। बता दें कि मेट्रो ने आरा मशीन जल्द से जल्द शिफ्ट हो, इसके लिए छोटा रातीबड़ में सुविधा विकसित करने के लिए करीब छह करोड़ रुपये प्रशासन को दिए थे। इसके बाद से बिजली, पानी, सड़क आदि सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं।
जानकारी के अनुसार फर्नीचर शोरूम एवं आरा मशीनों के संचालक सोमवार को एसडीएम शहर वृत्त दीपक पांडे से मिले थे, जहां उन्होंने अपनी मांग रखी थी कि सभी कारोबारियों को एक साथ परवलिया सड़क स्थित छोटा रातीबड़ में शिफ्ट किया जाए। संचालकों का कहना था कि अभी वहां एप्रोच रोड नहीं बनी है, जिससे वाहनों के आवागमन में दिक्कत तो होगी। साथ ही अभी सभी तरह की सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।
इस पर एसडीएम ने बताया कि आरा मशीनों को शिफ्ट करने की योजना दो चरण में तैयार की जा रही है, पहले वह 40 मशीनें शिफ्ट होंगी, जो मेट्रो रेल लाइन के कार्य में बाधा बनी हुई हैं। इनको हटाने के लिए छोटा रातीबड़ में 40 प्लाट का काम पूरा हो चुका है, जिनके लिए मेट्रो प्रबंधन ने राशि भी दी है। इसके बाद दूसरे चरण में बची हुई 100 आरा मशीनों को शिफ्ट किया जाएगा।
पिछले दो महीने में आरा मशीनों में लगातार लगी बड़ी आग के बाद से शिफ्टिंग की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसके लिए आरा मशीन संचालक भी प्रशासन से लगातार मांग कर रहे हैं, लेकिन छोटा रातीबड़ में काम की गति बहुत धीमी होने के कारण शिफ्टिंग का काम नहीं हो पा रहा है। हालांकि, आग की घटना के बाद से तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। ऐसे में उम्मीद है जल्द शिफ्टिंग हो सकेगी।
टिंबर मर्चेंट एंड आरा मशीन एसोसिएशन के अध्यक्ष बदर ए आलम ने बताया कि कारोबारियों की मांग है कि छोटा रातीबड़ में एक साथ सभी आरा मशीनों को शिफ्ट किया जाए, जिससे कि कारोबार की रफ्तार निरंतर बनी रहे। फिलहाल प्रशासन ने दो चरणों में शिफ्टिंग की बात कही है।
आरा मशीनों की शिफ्टिंग को लेकर दो चरणों में योजना तैयार की गई है। पहले चरण में मेट्रो कार्य के लिए 40 आरा मशीनों को शिफ्ट किया जाएगा, इसके बाद दूसरे चरण में शेष आरा मशीनों को हटाया जाएगा। पहले चरण का कार्य जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। - कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर