'केस वापस ले लो नहीं तो जान से मार देंगे!' भोपाल में आरक्षक को आए 40 कॉल, कमिश्नर के दखल पर FIR
केस वापस लेने के लिए आरक्षक हेमंत सिंह चौहान को धमकी भरे कॉल करने का मामला सामने आया है। आरोपियों पर कमिश्नर के निर्देश के बाद प्रकरण दर्ज हुआ।
Publish Date: Fri, 25 Sep 2026 10:44:35 PM (IST)Updated Date: Fri, 25 Sep 2026 10:44:35 PM (IST)
प्रतीकात्मक फोटो।HighLights
- आरक्षक हेमंत सिंह चौहान को 35-40 धमकी भरे कॉल करने का आरोप
- कमिश्नर के दखल पर नितेश ठाकुर और आकाश सिंह परिहार पर FIR
- आरक्षक ने धमकी भरी बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग पुलिस को सौंपी थी
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। कोलार रोड थाना क्षेत्र में पुराने आपराधिक मामले में समझौता करने का दबाव बनाने के लिए एक आरक्षक को धमकाने का मामला सामने आया है।
आरक्षक हेमंत सिंह चौहान ने हिस्ट्रीशीटर नितेश ठाकुर और आकाश सिंह परिहार पर घर से अगवा कराने, परिवार समेत जान से मारने और एक महीने के भीतर हत्या कराने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
शिकायत में आरक्षक ने बताया कि 10 जून की रात 12.30 से 1.30 बजे के बीच उसके मोबाइल पर करीब 35-40 धमकी भरे कॉल आए। इनमें वाट्सएप कॉल भी शामिल थे। कॉल करने वालों ने गाली-गलौज करते हुए उसे केस वापस लेने के लिए दबाव बनाया।
आरक्षक ने धमकी भरी बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग पेनड्राइव में पुलिस को सौंपी थी। इसके बावजूद शिकायत जांच के नाम पर लंबित रही।
कमिश्नर की सख्ती पर केस दर्ज
दो दिन पहले कमिश्नर ने कोलार पुलिस से प्रकरण की प्रगति पूछी तो बताया गया कि जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इसके बाद केस दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस ने नितेश ठाकुर और आकाश सिंह परिहार के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। नितेश पर हाल ही में रातीबड़ में रियल एस्टेट कारोबारी राजा तोमर के घर के बाहर 11 राउंड फायरिंग का आरोप है। इस मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
हिस्ट्रीशीटर की पत्नी समेत दो पर दूसरा केस
कोलार पुलिस ने नितेश की पत्नी रिचा ठाकुर और अतुल बघेल के खिलाफ भी अलग प्रकरण दर्ज किया है। पंकज सिंह परिहार और ओम रजावत के अनुसार, 20 सितंबर को वे दानियाहिल्स के पास प्रापर्टी देखने गए थे। इसी दौरान रिचा और अतुल ने उनकी गाड़ी रोककर विवाद किया और धमकी दी।
ओम ने आरोप लगाया कि आरोपियों को बचाने के लिए जांच में लीपापोती की गई। उन्होंने पुलिस कमिश्नर से दोबारा शिकायत करने की बात कही है।
पुलिसकर्मी निलंबित
रातीबड़ फायरिंग की जांच में बागसेवनिया थाने के आरक्षक सत्यभान गुर्जर की घटना वाले दिन उसी होटल में मौजूदगी सामने आई, जहां फायरिंग के आरोपी ठहरे थे।
होटल बेस्टीयन में उसकी मौजूदगी की जानकारी जांच के दौरान सामने आने पर डीसीपी विकास कुमार शाहवाल ने उसे निलंबित कर प्राथमिक जांच के आदेश दिए।
जोन-1 डीसीपी के 23 सितंबर के प्रतिवेदन में आरक्षक की होटल में मौजूदगी का उल्लेख है। पुलिस फिलहाल उसकी भूमिका और मौजूदगी के कारणों की जांच कर रही है।