
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के शुद्धीकरण के लिए 22 साल बाद हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दूसरे चरण में मंगलवार को सभी 71,930 मतदान केंद्रों पर मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन किया गया। अलग-अलग श्रेणियों में 42,74,160 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इनमें अधिकतर शहरी क्षेत्रों के हैं। इनमें 22,78,393 वे मतदाता सर्वाधिक शामिल है, जो स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं। अब प्रदेश में 23 दिसंबर 2025 की स्थिति में 5,31,31,983 मतदाता रह गए हैं। इनमें 8,65,832 वे मतदाता भी शामिल हैं, जिन्होंने गणना पत्रक अधूरे जमा किए हैं। उन्हें पत्रक में सुधार का मौका दिया गया है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा और संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी बीएस जादौन ने प्रारूप प्रकाशन की जानकारी देते हुए बताया कि छह जनवरी 2025 को प्रदेश में मतदाता 5,70,92,367 थे। 25 अक्टूबर 2025 को जब एसआइआर के लिए मतदाता सूची फ्रीज की गई, तब यह संख्या 5,74,06,143 थी। सभी को बूथ लेवल आफिसरों (बीएलओ) ने गणना पत्रक दिए। मृत, अनुपस्थित, एक से अधिक स्थान पर नाम, स्थायी रूप से स्थानांतरित और अन्य श्रेणी में 42,74,160 पाए गए। इन सभी के नाम प्रारूप सूची में शामिल नहीं किए गए हैं यानी हटाए गए हैं। इसके पश्चात अब 5,31,31,983 मतदाताओं रह गए हैं।
22 जनवरी तक दावा-आपत्तियां: अब यदि किसी को अपना नाम जुड़वाने के लिए दावा-आवृत्ति करना है तो उसे फार्म छह और किसी नाम पर आपत्ति है तो फार्म सात भरना होगा। यह प्रक्रिया 22 जनवरी 2026 तक चलेगी। इसमें यदि कोई दस्तावेज के आधार पर अपने मतदाता होने की पात्रता सिद्ध करता है, तो उसका नाम अंतिम सूची में शामिल कर लिया जाएगा। दावा-आपत्तियों का निराकरण 14 फरवरी तक किया जाएगा। इसके पश्चात मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी को होगा। वहीं, अधूरे गणना पत्रक भरने वाले मतदाताओं को बुधवार से घर जाकर नोटिस दिए जाएंगे।
राजनीतिक दलों से साझा की जानकारी: निर्वाचन पदाधिकारियों ने मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन के बाद मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उनसे सभी जानकारियां साझा करने के साथ अपेक्षा की गई कि दावा-आवृत्ति की प्रक्रिया में भी वे सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इसके साथ ही यह भी साफ किया गया कि दावा-आवृत्ति का निराकरण करने के लिए 230 रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 532 अतिरिक्त रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तैनात किए गए हैं। प्रारूप मतदाता सूची से किसी का भी नाम अधिकारी द्वारा विधिवत सूचना एवं कारणयुक्त आदेश जारी किए बिना नहीं हटाया जाएगा। कोई भी असंतुष्ट मतदाता जिला दंडाधिकारी और फिर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है।
प्रदेश में अब 71,930 मतदान केंद्र : चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश में 6,916 मतदान केंद्र बढ़ा दिए हैं। अब यहां मतदान केंद्र 71,930 हो गए हैं। एक मतदान केंद्र पर 1,200 से अधिक मतदाता होने के कारण 6,704 केंद्र बढ़े हैं तो दो किलोमीटर से अधिक दूरी के कारण 230 केंद्रों की वृद्धि की गई है। वहीं, 18 केंद्र समाप्त भी किए गए हैं।
अब मध्य प्रदेश में मतदाता-
किस श्रेणी में कितने मतदाताओं के नाम हटाए:
प्रदेश के प्रमुख जिलों में यह रही स्थिति
भोपाल: जिले में सात विधानसभा क्षेत्र हैं। यहां 1,16,925 मतदाताओं ने गणना पत्रक अधूरे भरे, इन्हें नोटिस जारी होंगे। वहीं, 33,791 मृत, 1,01,503 अनुपस्थित, 2,86,661 स्थायी रूप से स्थानांतरित और 14,171 का नाम एक से अधिक स्थान पर होने के कारण सूची से हटाया गया है। इंदौर: जिले में नौ विधानसभा क्षेत्र हैं। यहां 1,33,696 मतदाताओं ने गणना पत्रक अधूरे भरे, इन्हें नोटिस जारी होंगे। वहीं, 43,741 मृत, 1,75,424 अनुपस्थित, 1,97,898 स्थायी रूप से स्थानांतरित और 22,808 का नाम एक से अधिक स्थान पर होने के कारण सूची से हटाया गया है।
जबलपुर: जिले में आठ विधानसभा क्षेत्र हैं। यहां 69,394 मतदाताओं ने गणना पत्रक अधूरे भरे, इन्हें नोटिस जारी होंगे। वहीं, 51,357 मृत, 66,678 अनुपस्थित और 1,15,437 स्थायी रूप से स्थानांतरित होने के कारण सूची से हटाया गया है।
ग्वालियर: जिले में छह विधानसभा क्षेत्र हैं। यहां 68,540 मतदाताओं ने गणना पत्रक अधूरे भरे, इन्हें नोटिस जारी होंगे। वहीं, 27,852 मृत, 61,520 अनुपस्थित और 1,48,273 स्थायी रूप से स्थानांतरित होने के कारण सूची से हटाया गया है।
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