'डिग्रियां भरपूर, फिर भी अस्पतालों में फार्मासिस्टों का टोटा': MP में ग्रेड-1 के 58% और ग्रेड-2 के 43% पद पड़े हैं खाली
आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में फार्मेसी के करीब 334 संस्थान हैं। इनमें 21 सरकारी और 190 निजी संस्थान बताए गए हैं। वर्तमान में 2623 स्वीकृत पदों में...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 24 Sep 2026 07:15:37 PM (IST)Updated Date: Thu, 24 Sep 2026 07:15:37 PM (IST)
प्रतीकात्मक फोटो। एआई से तैयार की गई है।HighLights
- MP में फार्मासिस्ट के 2623 स्वीकृत पदों में से 1132 खाली
- सरकारी स्वास्थ्य तंत्र में करीब 43.2 प्रतिशत पद रिक्त
- प्रदेश में फार्मेसी की पढ़ाई कराने वाले करीब 334 संस्थान
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य तंत्र में मरीजों को दवा उपलब्ध कराने और दवा के सही इस्तेमाल की जानकारी देने वाले फार्मासिस्टों की कमी बनी हुई है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के नियमित पदों की स्थिति देखें तो 2623 स्वीकृत पदों में से 1132 खाली हैं। यानी करीब 43.2 प्रतिशत पदों पर फार्मासिस्ट पदस्थ नहीं हैं।
यह जानकारी विधानसभा में सौंपी गई रिपोर्ट में सामने आए। विभाग में फार्मासिस्ट ग्रेड-1 के 57 पद स्वीकृत हैं, इनमें 24 पर कर्मचारी कार्यरत हैं और 33 खाली हैं। यानी इस श्रेणी में करीब 58 प्रतिशत पद रिक्त हैं।
फार्मासिस्ट ग्रेड-2 के 2566 पदों में 1467 कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 1099 पद खाली हैं। ग्रेड-2 में भी करीब 43 प्रतिशत पद रिक्त हैं।
भर्ती हुई, लेकिन खाली पद बने रहे
फार्मासिस्टों की कमी दूर करने के लिए भर्ती भी की गई। 2024 की कर्मचारी चयन मंडल की ग्रुप-5 भर्ती में फार्मासिस्ट ग्रेड-2 के 29 पद थे। वहीं 2025 की पैरामेडिकल भर्ती में फार्मासिस्ट ग्रेड-2 के 313 पद शामिल थे। इसके बावजूद नियमित पदों की स्थिति में बड़ी संख्या में पद खाली हैं।
फार्मासिस्ट ग्रेड-2 भर्ती परीक्षा 2023 में चयनित विमलेश कुमार का कहना है कि चयन होने के बाद भी कई अभ्यर्थी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने अधिकारियों और शासन को कई बार अपनी मांग से अवगत कराया है, लेकिन अभी तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
334 संस्थानों में फार्मेसी की पढ़ाई
एक तरफ सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में फार्मासिस्टों के पद खाली हैं, वहीं प्रदेश में फार्मेसी की पढ़ाई कराने वाले संस्थानों की संख्या भी बड़ी है। उपलब्ध शिक्षा संबंधी आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में फार्मेसी के करीब 334 संस्थान हैं। इनमें 21 सरकारी और 190 निजी संस्थान बताए गए हैं।
सवाल यह है कि फार्मेसी की पढ़ाई पूरी करने वाले युवाओं और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में खाली पदों के बीच बेहतर तालमेल क्यों नहीं बन पा रहा है। हालांकि 2623 पदों का आंकड़ा केवल लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के नियमित स्वीकृत पदों का है। इसमें एनएचएम, संविदा और अन्य संस्थानों के फार्मासिस्ट शामिल नहीं हैं।