
नईदुनिया, प्रतिनिधि, भोपाल। वह जमाना बीत गया जब बड़ी भू-संपत्तियों के स्वामित्व पर पुरुषों का प्रभुत्व था और महिलाएं चूल्हे-चौके, घर गृहस्थी के कामों तक सीमित थीं। पिछले पांच वित्तीय वर्ष के आंकड़ों की बात करें तो अब प्रापर्टी की खरीद-फरोख्त में नारी शक्ति का दबदबा बढ़ रहा है।
इस साल ही महिलाओं के नाम 43 प्रतिशत तक प्रॉपर्टी के दस्तावेज पंजीकृत करवाए गए हैं।
| वित्तीय वर्ष | कुल रजिस्ट्री | महिलाओं के नाम | प्रतिशत (%) |
| 2021-22 |
7,73,699
|
3,23,359
|
41.79%
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| 2022-23 |
8,23,400
|
3,57,337
|
43.39%
|
| 2023-24 |
8,83,648
|
3,94,773
|
44.69%
|
| 2024-25 |
10,17,512
|
4,79,857
|
47.16%
|
| 2025-26 |
9,44,549
|
4,22,005
|
44.68%
|
| 2026-27* |
49,311
|
21,228
|
43.05%
|
नोट: सभी आंकड़े पंजीयन विभाग द्वारा जारी किए गए हैं। (*) वित्तीय वर्ष 2026-27 के आंकड़े केवल पहली तिमाही (अप्रैल से जून) तक के हैं।
मध्यप्रदेश में प्रॉपर्टी की खरीदारी में पुरुषों के साथ अब महिलाएं भी बराबर की हिस्सेदार बनती जा रही है। पिछले सालों में महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्रियों की संख्या में वृद्धि हुई है।इस वित्तीय वर्ष में भी महिलाओ के नाम अधिक रजिस्ट्री होने की उम्मीद है।महिलाओं को रजिस्ट्री करवाने पर दो प्रतिशत की विशेष छूट पंजीयन शुल्क में दी जाती है। - स्वप्नेश शर्मा, वरिष्ठ जिला पंजीयक