MP में 17 जिलों के 82 ग्रामीणों को मिला अपनी ही जमीन का मालिकाना हक, 'सारा एप और संपदा 2.0 से पारदर्शी हुई प्रक्रिया
स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्रामीण आबादी भूमि पर बने मकानों और भूखंडों का ड्रोन तकनीक से सर्वेक्षण कर रिकॉर्ड तैयार किए जा रहे हैं। दस्तावेज मिलने से ...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 10 Oct 2026 11:04:24 AM (IST)Updated Date: Sat, 10 Oct 2026 11:04:24 AM (IST)
प्रतीकात्मक फोटो, एआई से तैयार की गई है।HighLights
- 17 जिलों के 82 हितग्राहियों को मिले मालिकाना हक के दस्तावेज
- स्वामित्व योजना के अंतर्गत ड्रोन सर्वे से तैयार हो रहे संपत्ति अभिलेख
- संपत्ति पर अधिकार का प्रमाण और बैंक ऋण जैसी सुविधाएं लेने में मदद
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का वैधानिक अधिकार उपलब्ध कराने की दिशा में स्वामित्व योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को प्रदेश के 17 जिलों के 82 हितग्राहियों को संपत्ति के मालिकाना हक के दस्तावेज प्रदान किए गए।
डिजिटल तकनीक के माध्यम से पंजीयन एवं सत्यापन की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाकर ग्रामीणों को उनकी संपत्ति के अधिकार संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
छिंदवाड़ा में सबसे ज्यादा लाभार्थी
स्वामित्व योजना के तहत छिंदवाड़ा जिले में 34, हरदा में 10 और सिंगरौली में छह हितग्राहियों के संपत्ति दस्तावेजों का पंजीयन पूर्ण किया गया है। डिंडौरी, मंडला और रायसेन में पांच-पांच, जबकि अनूपपुर, उमरिया और नरसिंहपुर में तीन-तीन हितग्राहियों के दस्तावेजों का पंजीयन पूर्ण हुआ है।
इसी प्रकार अशोकनगर, आलीराजपुर, कटनी, ग्वालियर, बालाघाट, श्योपुर, सागर और सीधी में एक-एक हितग्राही के दस्तावेजों का पंजीयन पूर्ण किया गया है।
ड्रोन तकनीक से सर्वे
स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्रामीण आबादी भूमि पर स्थित मकानों एवं भूखंडों का ड्रोन तकनीक से सर्वेक्षण कर संपत्ति संबंधी अभिलेख तैयार किए जा रहे हैं। इसके माध्यम से पात्र हितग्राहियों को संपत्ति के स्वामित्व के वैधानिक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते हैं।
इन दस्तावेजों से ग्रामीणों को अपनी संपत्ति पर अधिकार का प्रमाण मिलने के साथ बैंक ऋण सहित अन्य वित्तीय सुविधाओं का लाभ लेने में भी मदद मिलती है।
छिंदवाड़ा में पटवारी ने प्रदर्शित की डिजिटल पंजीयन प्रक्रिया
छिंदवाड़ा जिले के बिछुआ विकासखंड की ग्राम पंचायत जमुनिया कला में आयोजित जनविश्वास शिविर में पटवारी सुनील गागड़े ने ‘सारा एप’ के माध्यम से संपत्ति पंजीयन की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। इसके बाद ‘संपदा 2.0’ के माध्यम से ऑनलाइन सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई।
स्वामित्व योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति संबंधी अभिलेखों को डिजिटल स्वरूप देने और शासकीय सेवाओं को अधिक सुगम एवं पारदर्शी बनाया जा रहा है।