MP के 43 निजी कॉलेजों में बढ़ सकती है BBA, BCA और MBA की फीस; 3 यूनिवर्सिटीज ने भी दायर की अपील
लगातार हो रही कटौती से कॉलेज संचालकों ने अपीलीय प्राधिकारी के पास पहुंचकर फीस बढ़ोतरी को लेकर अपील लगाई है। इसमें प्रदेश के 43 निजी कॉलेज शामिल हैं।
Publish Date: Mon, 21 Sep 2026 09:22:17 PM (IST)Updated Date: Mon, 21 Sep 2026 09:22:17 PM (IST)
प्रतीकात्मक फोटो।HighLights
- फीस बढ़ाने के लिए प्रदेश के 43 निजी कॉलेजों ने अपील की
- तीन निजी विश्वविद्यालय फीस बढ़ोतरी को लेकर प्राधिकरण में पहुंचेंगे
- मानकों के आधार पर फीस का परीक्षण करेगी समिति
नईदुनिया प्रतिनिधि,भोपाल। प्रवेश एवं फीस विनियामक समिति ने प्रोफेशनल कॉलेजों के पाठ्यक्रमों की आगामी सत्र 2026-27, 2027-28 और 2028-29 की फीस तय कर दी गई है। कॉलेजों को बेहतर पाठ्यक्रम का संचालन करने के बाद भी न्यूनतम फीस दी गई है।
इससे फीस में लगातार हो रही कटौती से कॉलेज संचालकों में काफी असंतोष है, इसलिए उन्होंने अपीलीय प्राधिकारी के पास पहुंचकर फीस बढ़ोतरी को लेकर अपील लगाई है। इसमें प्रदेश के 43 निजी कॉलेज शामिल हैं।
इसके अलावा निजी विवि विनियामक आयोग द्वारा निर्धारित की गई फीस से तीन निजी विवि खुश नहीं हैं। उन्होंने कालेज और बीबीए और बीसीए की सालाना न्यूतनम फीस 20 हजार और अधिकतम 34 हजार रुपये रखी गई है। वहीं एलएलबी की न्यूतनतम फीस 12 हजार सालाना तय की है।
इसी तरह इंजीनियरिंग, फार्मेसी और एमबीए कॉलेजों की फीस में भी कटौती की गई गई है। महाविद्यालयों ने फीस बढ़ाने की मांग की है।
समिति फीस का करेगी परीक्षण
फीस विनियामक समिति के अध्यक्ष का पद दो माह से खाली था। अब नए अध्यक्ष की नियुक्त राजकुमार आचार्य के तौर पर हुई है, इसिलए अब सुनवाई में कमेटी का पक्ष सुनकर प्राधिकरण अधिकारी हाईकोर्ट के पूर्व जज प्रकाश चंद्र गुप्ता फीस पर अंतिम निर्णय दे सकेंगे।
समिति द्वारा कॉलेजों की निर्धारित की गई फीस का बारीकी से परीक्षण होगा। इसमें उनकी बैलेंस शीट, प्रोफेसरों को मिलने वाला वेतन, विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाएं, भवन और जमीन के अलावा एआईसीटीई, बीसीआई और एनसीटीई के मापदंडों को परखेंगे।
नर्सिंग और मेडिकल की फीस होगी तय
कमेटी ने बीबीए और बीसीए की सालाना न्यूतनम फीस 20 हजार और अधिकतम 34 हजार रुपये रखी गई है। वहीं एलएलबी की न्यूतनतम फीस 12 हजार सालाना तय की है। इसी तरही इंजीनियरिंग, फार्मेसी और एमबीए कॉलेजों की फीस में भी जमकर कटौती की गई गई है। अब फीस कमेटी नर्सिंग और मेडिकल की फीस निर्धारित करने आवेदन जमा कराना शुरु करेगा।
फीस कमेटी द्वारा निर्धारित की गई फीस से संतुष्ट नहीं होने वाले कॉलेज प्राधिकरण के पास आपत्ति लेकर अपील में जा सकते हैं।- अनिल शिवानी,विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी,फीस समिति