'पुलिस ने पकड़ीं, निगम के गले पड़ीं: भोपाल के कांजी हाउस में बंद 44 भैंसें खा गईं 13 लाख का चारा, अब पुलिस को वापस लौटाने की तैयारी
मामला अदालत में लंबित होने से भैंसों की नीलामी की अनुमति नहीं मिल रही है। बढ़ते खर्च से परेशान निगम अब पुलिस को पत्र लिखकर भैंसें वापस लेने और खर्च की...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 07 Oct 2026 05:32:10 PM (IST)Updated Date: Wed, 07 Oct 2026 05:32:10 PM (IST)
नगर निगम के अरवलिया कांजी हाउस में मौजूद भैंसें। नईदुनिया।HighLights
- ईंटखेड़ी पुलिस ने जनवरी में अवैध तरीके से ले जाई जा रही 49 भैंसें पकड़ी थीं
- अरवलिया कांजी हाउस में अब 44 भैंसें हैं, जो 13 लाख का चारा खा चुकी हैं
- खर्च से परेशान निगम,भैंसे वापस ले जाने के लिए पुलिस का लिखा जा रहा पत्र
नईदुनिया, प्रतिनिधि, भोपाल । पुलिस ने भैंसें पकड़ीं, उन्हें रखने की जगह नहीं मिली तो नगर निगम के कांजी हाउस भेज दिया। सोचा था कि कुछ समय की बात है, लेकिन धीरे-धीरे करीब 10 महीने गुजर गए। अब 44 भैंसें अरवलिया स्थित कांजी हाउस में हैं और इनके चारे पर नगर निगम 13 लाख रुपये से अधिक खर्च कर चुका है। न तो भैंसें वापस जा रही हैं, न उनकी नीलामी पा रही है।
वजह है अदालत में लंबित मामला। ऐसे में अब निगम प्रशासन ने पुलिस को ही भैंसें वापस लेने के लिए पत्रचार शुरू कर रहा है।
ट्रक से ले जाते हुए पकड़ी थीं भैंसें
दरअसल, जनवरी 2026 में ईंटखेड़ी पुलिस ने ट्रकों में अवैध तरीके से ले जाई जा रही 49 भैंसों को पकड़ा था। पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई हुई। पुलिस के सामने जब्त भैंसों को रखने की समस्या आई तो उन्हें नगर निगम के अरवलिया कांजी हाउस में रखवा दिया गया।
अदालत में प्रकरण पहुंचा। ट्रक तो छूट गए, लेकिन भैंसें कांजी हाउस में ही रह गईं। इसके बाद शुरू हुआ चारे का खर्च। दिन बीतते गए और बिल बढ़ता गया। निगम ने सोचा कि भैंसों की नीलामी कर अब तक हुए खर्च की कुछ भरपाई कर ली जाए। इसके लिए ईंटखेड़ी पुलिस से दो बार अनुमति मांगी गई।
लेकिन अदालत में मामला लंबित होने के कारण पुलिस ने अनुमति नहीं दी। लिहाजा भैंसें कांजी हाउस में और खर्च निगम के खाते में चलता रहा।
नौ भैंसें मरीं, चार बछड़ों का जन्म हुआ
पुलिस द्वारा कांजी हाउस में बंद कराई गई 49 भैंसों में से अब नौ की मौत हो चुकी है और चार बछड़ों का जन्म भी हुआ। ऐसे में अब कांजी हाउस में 44 भैंसे बंद है। कांजी हाउस में बंद किसी भैंस की मौत होती है, तो निगम को इसकी सूचना पुलिस को देनी होती है और अनुमति के बाद ही पोस्टमार्टम कराया जाता है।
जानकारी के अनुसार, करीब 45 दिनों में चार भैंसों की मौत हुई है।
निगम कह रहा- आपकी भैंसें, आप ही संभालिए
बढ़ते खर्च से परेशान नगर निगम अब इस जिम्मेदारी से बाहर निकलना चाहता है। इसके लिए निगम प्रशासन अब भैंसों को वापस लेने के लिए ईंटखेड़ी पुलिस के साथ पत्राचार शुरू कर रहा है। निगम ने चारे और देखभाल पर खर्च हुए करीब 13 लाख रुपये से अधिक का हिसाब भी पुलिस से मांगने की तैयारी की है।
ईंटखेड़ी पुलिस द्वारा पकड़ी गई भैंसे लंबे समय से अरवलिया कांजी हाउस में बंद हैं। इन भैंसों को वापस पुलिस विभाग के पास भेजने के लिए पत्र लिखा जा रहा है। साथ में इन पर खर्च की गई राशि का हिसाब भी भेजा जाएगा। - हीरेन्द्र कुशवाहा, उपायुक्त, नगर निगम