एमपी के 50 लाख लोगों को मिलेगा मालिकाना हक, जमीन की फ्री होगी रजिस्ट्री, 68.47 लाख भूखंडों का डेटा तैयार
MP Swamitva Abhiyan: स्वामित्व अभियान के तहत प्रदेश के 50 लाख से अधिक ग्रामीण हितग्राहियों को उनकी संपत्तियों की निशुल्क रजिस्ट्री कराकर अधिकार अभिलेख...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 15 Sep 2026 04:26:28 PM (IST)Updated Date: Tue, 15 Sep 2026 04:26:28 PM (IST)
50 लाख से अधिक ग्रामीणों की होगी फ्री रजिस्ट्री।HighLights
- एमपी में 17 सितंबर से शुरू होगा बड़ा अभियान
- 50 लाख से अधिक ग्रामीणों की होगी फ्री रजिस्ट्री
- हर गुरुवार, शुक्रवार-शनिवार को लगेंगे शिविर
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश में जनभागीदारी और जनसेवा को केंद्र में रखकर 17 सितंबर से दो बड़े अभियान शुरू होने जा रहे हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण स्वामित्व अभियान के तहत प्रदेश के 50 लाख से अधिक ग्रामीण हितग्राहियों को उनकी संपत्तियों की निशुल्क रजिस्ट्री कराकर अधिकार अभिलेख सौंपे जाएंगे। इस वृहद योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति धारकों को उनकी जमीन का मालिकाना हक दिलाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
41,568 गांवों में 68.47 लाख भूखंडों का सर्वे पूरा
स्वामित्व अभियान के तहत प्रदेश भर में बड़े पैमाने पर सर्वे कार्य किया गया है। राज्य के 41,568 गांवों में कुल 68 लाख 47 हजार भूखंडों का सर्वे कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। अब इनमें से 50 लाख से अधिक पात्र हितग्राहियों के नाम उनकी संपत्तियों की निश्शुल्क रजिस्ट्री कराने की तैयारी है।
हितग्राहियों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ न पड़े, इसके लिए राज्य सरकार ने पंचायत उपकर और अतिरिक्त स्टांप ड्यूटी से छूट का विशेष प्रावधान पहले ही कर दिया है। यह पूरा अभियान तीन अलग-अलग चरणों में 17 सितंबर से शुरू होकर 3 अक्टूबर तक संचालित किया जाएगा।
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हर गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को लगेंगे विशेष शिविर
- अभियान के सुचारू क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे इस अभियान का नेतृत्व स्वयं करें और जिला, जोन व सेक्टर स्तर पर अधिकारियों की स्पष्ट जिम्मेदारियां तय करें।
सरकार का मुख्य जोर इस बात पर है कि सभी पात्र हितग्राहियों को बिना किसी भेदभाव के और निर्धारित समय-सीमा के भीतर लाभ पहुंचे। प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच, पंचायत सचिव, पटवारी और ग्राम रोजगार सहायक को आपस में समन्वय बनाकर विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश जारी किए हैं।
ये शिविर प्रत्येक सप्ताह गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को आयोजित किए जाएंगे। प्रशासन ने लक्ष्य तय किया है कि इन शिविरों के माध्यम से प्रतिदिन कम से कम 30 से 40 रजिस्ट्रियां अनिवार्य रूप से पूरी कराई जाएं, ताकि निर्धारित समय में लक्ष्य हासिल किया जा सके।