
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही मध्य प्रदेश के लाखों रेल कर्मचारियों के लिए एक बड़ी और खुशगवार खबर आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में रेलवे कर्मचारियों को दीवाली और दुर्गा पूजा से ठीक पहले बड़ा तोहफा देने का फैसला लिया गया है।
केंद्र सरकार ने सभी गैर-राजपत्रित (नॉन-गैजेटेड) रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के 'प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस' (PLB) को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से मध्य प्रदेश के विभिन्न रेल मंडलों में कार्यरत 50 हजार से अधिक कर्मचारियों में खुशी की लहर है।
पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) के भोपाल, जबलपुर और कोटा मंडल के साथ-साथ रतलाम रेल मंडल में कार्यरत लगभग 50 हजार से अधिक कर्मचारियों को इस बोनस का सीधा लाभ मिलेगा। बोनस पाने वाले योग्य कर्मचारियों में रेलवे के 'ग्रुप सी' और अन्य नॉन-गैजेटेड स्टाफ शामिल हैं - जैसे:
सरकार द्वारा यह बोनस 7,000 रुपये की न्यूनतम सैलरी सीमा के आधार पर तय किया गया है। इसके तहत प्रत्येक पात्र रेल कर्मचारी के बैंक खाते में अधिकतम 17,951 रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी।
राष्ट्रीय स्तर पर इस बंपर बोनस से देश भर के 11 लाख 40 हजार से ज्यादा (11,40,770) रेलवे कर्मचारी लाभान्वित होंगे। इसके लिए केंद्र सरकार ने 2,009.61 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट मंजूर किया है।
कैबिनेट के अनुसार, यह बोनस वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान रेलवे कर्मचारियों के रिकॉर्ड प्रदर्शन का इनाम है। इस अवधि में भारतीय रेलवे ने 1,670 मिलियन टन माल ढुलाई की और करीब 7.41 अरब यात्रियों को उनकी मंजिल तक पहुंचाया, जिसमें मध्य प्रदेश के प्रमुख जंक्शनों का अहम योगदान रहा।
भले ही 78 दिनों के बोनस की घोषणा से कर्मचारियों में खुशी है, लेकिन कर्मचारी संगठनों में एक कसक अभी भी बाकी है। वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्प्लॉइज यूनियन (WCREU) और इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि बोनस की गणना के लिए 7,000 रुपये की न्यूनतम सैलरी लिमिट साल 2014-15 (पिछले 11 वर्षों) से नहीं बदली गई है।
कर्मचारी संगठनों की मांग है कि कैलकुलेशन के लिए न्यूनतम वेतन की सीमा को बढ़ाकर कम से कम 18,000 रुपये (7वें वेतन आयोग के न्यूनतम मूल वेतन के अनुसार) किया जाए। अगर सरकार इस मांग को स्वीकार कर लेती है, तो कर्मचारियों को मिलने वाली बोनस राशि 17,951 रुपये से बढ़कर 46,184 रुपये हो जाएगी।