
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्य प्रदेश की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना' के रजिस्ट्रेशन पोर्टल को दोबारा खोले जाने को लेकर राज्य सरकार के दो मंत्रियों के विरोधाभासी बयानों से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल पोर्टल शुरू करने की कोई तात्कालिक योजना नहीं है।
उनका यह बयान राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के उस दावे के ठीक बाद आया है, जिसमें उन्होंने वंचित महिलाओं को जोड़ने के लिए जल्द पोर्टल खोले जाने की बात कही थी। इस विरोधाभास को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर महिलाओं को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है।
मंत्रियों के बयानों से उपजे भ्रम पर विराम लगाते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि फिलहाल पोर्टल दोबारा खोलने से जुड़ा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और योजना के तहत डीबीटी (DBT) के जरिए नियमित रूप से 1,500 रुपये की किस्त ट्रांसफर की जा रही है।
राज्य मंत्री पटेल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भूरिया ने कहा कि कभी-कभी बातचीत के प्रवाह में मंत्री साथी बयान दे देते हैं, लेकिन फिलहाल नया पंजीकरण शुरू करने को लेकर कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है। भविष्य में कोई नया निर्णय होने पर इसकी जानकारी दी जाएगी।
इससे पहले राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा था कि सरकार छूटी हुई पात्र महिलाओं को योजना के दायरे में लाने के लिए पोर्टल दोबारा खोलने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री ने ऐसे मामलों का आकलन करने के आंतरिक निर्देश जारी किए हैं ताकि कोई भी पात्र महिला लाभ से वंचित न रहे। हालांकि, उन्होंने इसके लिए किसी तय समय-सीमा की घोषणा नहीं की थी।
मंत्रियों के अलग-अलग बयानों पर तंज कसते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। पटवारी ने कहा कि चुनाव के दौरान 3,000 रुपये प्रति माह देने का वादा किया गया था, जबकि वर्तमान में केवल 1,500 रुपये ही दिए जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक मंत्री पोर्टल खोलने की बात करते हैं और दूसरी मंत्री मना कर देती हैं, जो यह साबित करता है कि सरकार केवल वोट बैंक के लिए महिलाओं को भ्रमित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं आगामी 2028 के विधानसभा चुनावों में इस धोखाधड़ी का करारा जवाब देंगी।
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