MP के 50 हजार छात्रों का भविष्य अधर में: रिजल्ट के एक महीने बाद भी BU ने नहीं दी मार्कशीट, CM हेल्पलाइन पहुंचा मामला
विद्यार्थियों ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायतें दर्ज कराईं हैं। बीयू कुलसचिव ने संशोधन के बाद जल्द अंकसूची जारी करने और बीएड विद्यार्थियों की समस्याएं दू...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 12 Sep 2026 11:08:10 PM (IST)Updated Date: Sat, 12 Sep 2026 11:09:22 PM (IST)
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल। फाइल फोटो।HighLights
- रिजल्ट के एक माह बाद भी 50 हजार विद्यार्थियों को अंकसूची नहीं
- छात्रों काे प्रवेश और नौकरी के दस्तावेज सत्यापन में आ रही परेशानी
- यूनिवर्सिटी ने 25 प्रतिशत विद्यार्थियों के गलत तरीके से किया फेल
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल । बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) के करीब 50 हजार विद्यार्थी रिजल्ट जारी होने के बावजूद अंकसूची के लिए परेशान हैं। एक माह से अधिक समय बीतने के बाद भी विद्यार्थियों को अंकसूची नहीं मिल सकी है। इसके कारण कालेजों में प्रवेश, नौकरी के लिए किए गए आवेदनों के दस्तावेज सत्यापन समेत कई जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
लिहाजा, परेशान विद्यार्थियों ने अब सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायतें दर्ज कराना शुरू कर दिया है।
एब्सेंड बताकर किया छात्रों को फेल
बीयू की यूजी-पीजी परीक्षाओं में करीब 1.30 लाख विद्यार्थी शामिल हुए थे। इसमें एजेंसी इंफिनिटी द्वारा तैयार परिणाम में करीब 25 प्रतिशत विद्यार्थियों को गलत तरीके से फेल कर दिया गया। कई विद्यार्थियों को ऐसे विषयों में प्रैक्टिकल में अनुपस्थित बताया गया, जिनमें प्रैक्टिकल था ही नहीं।
बीयू में ऐसी 20 से अधिक शिकायतें पहुंचने के बाद जांच कर कुछ विद्यार्थियों के परिणाम संशोधित किए गए और उन्हें नई अंकसूची जारी की गई। विद्यार्थियों का कहना है कि अभी भी बड़ी संख्या में परिणाम और अंकसूचियां लंबित हैं।
बीएड के विद्यार्थी हो रहे परेशान
वहीं, बीएड के करीब 60 विद्यार्थी एक-दो विषयों में फेल होने के बाद विश्वविद्यालय पहुंचे। निजी कालेजों के विद्यार्थियों ने मार्च 2026 में हुई प्रथम सेमेस्टर परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन और अंकों की दोबारा जांच की मांग की।
विद्यार्थियों ने कुलगुरु और कुलसचिव को ज्ञापन देकर द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल होने का अवसर देने की मांग भी की।
संशोधन कर जल्द अंकसूची जारी की जाएगी। बीएड के विद्यार्थियों की समस्याओं को दूर किया जाएगा। - प्रो. समर सिंह, कुलसचिव, बीयू