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राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। नगरीय विकास और ग्रामीण विकास विभाग आपसी समन्वय से अर्बन–रूरल क्लस्टर की अवधारणा पर काम करें। पीएम आवास योजना शहरी- दो में छह लाख नए आवास स्वीकृति का लक्ष्य है। एआरएच–एएचपी मॉडल को बढ़ावा और बड़े नगर निगमों में भूमि उपयोग के लिए विशेष रणनीति लागू की जाए। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को खजुराहो स्थित कन्वेंशन सेंटर में नगरीय विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कही।
इस दौरान राज्य सरकार के नगरीय विकास की दो वर्ष की उपलब्धियों और नवाचारों पर प्रस्तुतीकरण हुआ। बैठक में बताया गया कि टीएंडसीपी विभाग 38 शहरों के जीआइएस मास्टर प्लान तैयार करेगा, महानगर क्षेत्र कानून लागू करेगा, टीडीआर पोर्टल विस्तार, टीओडी नीति लागू होगी और सिंहस्थ 2028 के लिए एकीकृत मास्टर प्लान आधारित विकास होगा।
- अमृत 2.0 में 2025–27 के दौरान 1440 करोड़ की जल परियोजनाएं, 9.99 लाख नल कनेक्शन, 7.90 लाख सीवर कनेक्शन, 420 जल संरचना जीर्णोद्धार, 389 पार्क विकास और पर्यवेक्षी नियंत्रण और डाटा अधिग्रहण (स्काडा) से जल आपूर्ति की रियल-टाइम मानिटरिंग होगी।
- पीएम स्वनिधि में 6,71,332 नए ऋण प्रकरण, 289 नए दीनदयाल रसोई केंद्र और 128 आश्रय स्थलों के संचालन-संधारण का प्रविधान होगा।
- स्वच्छ भारत मिशन 2.0 में आठ बायो-सीएनजी संयंत्र, 36 लाख मीट्रिक टन लीगेसी वेस्ट निपटान, 44 सेनेटरी लैंडफिल, 339 एमआरएफ/कम्पोस्ट यूनिट, तीन सीएंडडी प्लांट और 353 छोटे शहरों में 386 एसटीपी बनाए जाएंगे।
- मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना योजना के चरण-4 में 1586 करोड़ के कार्य पूरे होंगे, चरण-5 में 5000 करोड़ से मास्टर प्लान सड़कों का विकास, मार्च 2026 तक 472 ई-बसें संचालन में आएंगी, बस डिपो-चार्जिंग सुविधा विकसित होगी, नमामि गंगे के नए एसटीपी और शहरों में फ्लाईओवर-पार्किंग विस्तार होंगे।
- संस्थागत सुधारों में एकीकृत नगरपालिका अधिनियम एक वर्ष में अधिसूचित होगा। आत्मनिर्भर निकाय प्रोत्साहन के लिए 100 करोड़ और एमपीयूडीसी में ईवी, आइटी, एसेट मैनेजमेंट व ग्रीन विभाग स्थापित होंगे। एमपीयूडीसी बिरसिंहपुर में 1750 करोड़ लागत वाला 250 एमडब्ल्यू फ्लोटिंग सोलर प्लांट पीपीपी मॉडल से स्थापित करेगा।
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