
मुकेश विश्वकर्मा, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश के 60 सरकारी अस्पतालों में बड़े पैमाने पर सुधार कार्य होगा। इसके लिए कुल 208 करोड़ 75 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। इस राशि से पुराने भवनों की मरम्मत, विस्तार और नए भवन बनाए जाएंगे। मकसद है कि लोगों को जिला स्तर पर बेहतर इलाज मिले और उन्हें बड़े शहरों में न जाना पड़े।
सबसे बड़ा काम खरगोन और सतना में होना है। यहां जिला अस्पताल में मां और बच्चे के लिए अत्याधुनिक एमसीएच विंग बनेगा। दोनों पर 26-26 करोड़ रुपये खर्च होंगे। भोपाल स्थित स्टेट टीबी सेंटर, स्टेट ड्रग स्टोर और आइआरएल लैब का सुधार होगा। इस पर तीन करोड़ रुपये खर्च होंगे। मंदसौर में नया जिला टीबी सेंटर बनेगा। कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अपग्रेडेशन होगा। इससे जांच, दवा और इलाज मजबूत होगा।
पूरे काम को 10 समूहों में बांटा गया है। ग्रुप-ए में सात, ग्रुप-बी में आठ, ग्रुप-सी में आठ, ग्रुप-डी में सात, ग्रुप-ई में पांच, ग्रुप-एफ में नौ, ग्रुप-जी में चार, ग्रुप-एच में एक, ग्रुप-आई में पांच और ग्रुप-जे में छह काम हैं। इससे निगरानी आसान होगी और काम समय पर पूरा होगा।
योजना के मुताबिक मेहगांव, गंधवानी, बाजना, रायपुर कल्चुरियान और पलेरा में नए भवन बनेंगे। हर भवन पर करीब 12 करोड़ 47 लाख रुपये खर्च होंगे। इससे ओपीडी, वार्ड, जांच और इलाज की सुविधाएं एक ही जगह मिल सकेंगी। जर्जर भवनों में चल रहे अस्पतालों को बड़ी राहत मिलेगी।
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कई जिला अस्पतालों में आठ बेड के आब्स्टेट्रिक आइसीयू बनेंगे। इससे गर्भावस्था में गंभीर समस्या वाली महिलाओं को तुरंत इलाज मिलेगा। नवजात शिशुओं के लिए एनबीएसयू और एमएनसीयू भी बनेंगे। गुना में 20 बेड का एमएनसीयू, बालाघाट और उज्जैन में एमएनसीयू का विस्तार होगा। कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी एनबीएसयू शुरू होगी।
प्रदेश के 60 स्वास्थ्य केंद्रों में उन्नयन, विस्तार और नए निर्माण का काम स्वीकृत हुआ है। काम को 10 ग्रुप में बांटा गया है, ताकि गुणवत्ता और समय सीमा का ध्यान रखा जा सके। खरगोन और सतना में एमसीएच विंग और पांच जगह नए भवन प्राथमिकता में हैं। - शशि कुमार बंसल, अधीक्षण यंत्री, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग।