
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। दिवाली के करीब आते ही प्रदेश के कई शहरों में वायु गुणवत्ता गिरने लगी है। ग्वालियर इस समय सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां तीन निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 से ऊपर चला गया। राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन और मंडीदीप में भी हवा खराब श्रेणी में पहुंच गई है।
आंकड़ों के अनुसार ग्वालियर के दीनदयाल नगर में AQI 348, महाराज बाड़ा में 334 और सिटी सेंटर में 316 रहा। तीनों जगह हवा बहुत खराब श्रेणी में है। राहत की बात यह है कि प्रदेश के किसी भी केंद्र पर AQI 400 को पार नहीं कर सका, यानी कहीं भी स्थिति गंभीर नहीं हुई है। दीनदयाल नगर और सिटी सेंटर में बारीक कण PM 2.5 मुख्य प्रदूषक हैं, जबकि महाराज बाड़ा में PM 10 का असर ज्यादा है।
भोपाल के पर्यावरण परिसर में AQI 261 मापा गया, जो खराब श्रेणी है और यहां PM 2.5 प्रमुख प्रदूषक है। शहर के बाकी दो केंद्रों पर स्थिति कुछ बेहतर रही। टीटी नगर में AQI 183 और ईदगाह हिल्स में 141 दर्ज हुआ, जो मध्यम श्रेणी में आता है। हालांकि इन दोनों जगहों पर भी मुख्य प्रदूषक PM 2.5 ही है।
इंदौर के अलग-अलग इलाकों में तस्वीर एक जैसी नहीं है। मगोड़ा नगर में AQI 188 और रेजिडेंसी एरिया में 172 रहा, जो मध्यम श्रेणी है। एयरपोर्ट क्षेत्र में AQI 101 दर्ज हुआ, जबकि रीजनल पार्क में सिर्फ 48 रहा। यह अच्छी श्रेणी है और उपलब्ध आंकड़ों में प्रदेश का सबसे कम स्तर भी।
जबलपुर के चारों केंद्रों पर हवा मध्यम रही। मार्हताल में AQI 164, गुप्तेश्वर में 131, सुहागी में 108 और गोविंद भवन कॉलोनी में 74 दर्ज हुआ।
अन्य शहरों के आंकड़े इस प्रकार हैं:
कुछ शहरों में हवा अपेक्षाकृत साफ रही। दमोह की श्रीवास्तव कॉलोनी में AQI 59, मैहर के साहिलारा में 61 और सतना की बांधवगढ़ कॉलोनी में 70 रहा। सागर के दीनदयाल नगर (80) के साथ ये सभी संतोषजनक श्रेणी में हैं।
PM 2.5 के मामले में सबसे ऊंचा स्तर ग्वालियर के दीनदयाल नगर (348) पर मिला। उसके बाद ग्वालियर का सिटी सेंटर (316) और भोपाल का पर्यावरण परिसर (261) रहे। PM 10 के मामले में ग्वालियर का महाराज बाड़ा (334) सबसे ऊपर रहा, जिसके बाद मंडीदीप (251), इंदौर की छोटी ग्वालटोली (233) और सिंगरौली (206) आते हैं।
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गैसीय प्रदूषकों में सिर्फ रतलाम के शास्त्री नगर में NO2 मुख्य प्रदूषक के रूप में दर्ज हुआ। उपलब्ध आंकड़े शहरों के बीच गैसीय प्रदूषण की तुलना के लिए पर्याप्त नहीं हैं।