सिंहस्थ में घाटों के थ्री-डी वीडियो से दिया जाएगा 60 हजार पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण
एक से दो दिन के प्रशिक्षण में उन्हें यही सिखाया जाना है कि व्यवस्था के लिए टोकना जरूरी है, पर व्यवहार बहुत अच्छा रखना है। सिंहस्थ में सुरक्षा व्यवस्था ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 15 Jan 2026 06:43:31 PM (IST)Updated Date: Thu, 15 Jan 2026 06:46:55 PM (IST)
सिंहस्थ 2028HighLights
- श्रद्धालुओं के प्रति पुलिसकर्मियों का व्यवहार बेहतर रखने की भी दे जाएगी ट्रेनिंग।
- प्रशिक्षण माड्यूल तैयार, प्रयागराज महाकुंभ में किए प्रयोगों को भी किया शामिल।
- पुलिस मुख्यालय ने तैयार किया ट्रेनिंग माड़्यूल, प्रयागराज कुंभ से भी लेंगे प्रेरणा।
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। श्रद्धालु उज्जैन में शिप्रा नदी में स्नान करने के लिए उतरता है तो लगभग कितने मिनट में उसे बाहर आ जाना चाहिए। नहीं निकलने पर क्या करना है। बाहर क्यों नहीं आया। इस तरह का प्रशिक्षण पहली बार उज्जैन में वर्ष 2028 में होने जा रहे सिंहस्थ में तैनात होने वाले पुलिसकर्मियों को दिया जाएगा।
इसका कारण यह कि नदी के दोनों ओर मिलाकर पहली बार 22 किमी लंबे घाटों में स्नान की सुविधा रहेगी। थ्री-डी तकनीक से घाटों का वीडियो बनाकर पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
वर्चुअल तरीके से स्थल दिखाए जाएंगे जिससे क्षेत्र में जब पुलिसकर्मी पहुंचें तो उन्हें भौगोलिक स्थितियों के बारे में पता हो। इस बार प्रशिक्षण में दूसरा सबसे अधिक ध्यान पुलिसकर्मियों का श्रद्धालुओं के प्रति व्यवहार पर रहेगा।
एक से दो दिन के प्रशिक्षण में उन्हें यही सिखाया जाना है कि व्यवस्था के लिए टोकना जरूरी है, पर व्यवहार बहुत अच्छा रखना है। सिंहस्थ में सुरक्षा व्यवस्था में लगभग 60 हजार पुलिसकर्मी मध्य प्रदेश के और 20 हजार अर्द्धसैनिक बल व दूसरे राज्यों की पुलिस रहेगी।
जब खुद कार चलाकर सिंहस्थ 2028 की तैयारियां देखने उज्जैन पहुंचे मध्य प्रदेश सरकार के दो बड़े अधिकारी
सिंहस्थ के लिए पुलिस मुख्यालय ने माड्यूल तैयार कर लिया है। इसमें प्रयागराज महाकुंभ में हुए नवाचारों और तकनीकों के उपयोग को भी शामिल किया गया है।
इसके अतिरिक्त भीड़ प्रबंधन, इंटरनेट मीडिया में फैलने वाले अफवाहों को रोकने, आग की घटनाएं सहित अन्य विषयों के बारे में बताया जाएगा।
प्रशिक्षण की शुरुआत पुलिस प्रशिक्षण स्कूलों में ट्रेनिंग ले रहे लगभग पांच हजार आरक्षकों से होगी। इस वर्ष एक-दो दिन के ही प्रशिक्षण होंगे, जबकि वर्ष 2027 में पांच से सात दिन के होंगे। इसके लिए मुख्य प्रशिक्षक तैयार किए जाएंगे।