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शासन के ड्रीम प्रोजेक्ट 'सांदीपनि' विद्यालयों में 70% प्रिंसिपल पद खाली; MP में प्रभारियों के भरोसे चल रहे 179 स्कूल

प्रदेश में करीब 3599 हायर सेकेंडरी स्कूल हैं, इनमें करीब दो हजार प्राचार्य पद रिक्त हैं। वहीं 3,833 हाई स्कूल प्राचार्य के स्वीकृत पद में से 1,712 पद ...और पढ़ें

By Anjali raiEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Sun, 20 Sep 2026 04:10:43 PM (IST)Updated Date: Sun, 20 Sep 2026 04:10:43 PM (IST)
शासन के ड्रीम प्रोजेक्ट 'सांदीपनि' विद्यालयों में 70% प्रिंसिपल पद खाली;  MP में प्रभारियों के भरोसे चल रहे 179 स्कूल
फाइल फोटो।

HighLights

  1. 275 में सिर्फ 66 सांदीपनि विद्यालयों में प्राचार्य
  2. 179 स्कूल प्रभारी प्राचार्यों के भरोसे चल रहे हैं
  3. पदोन्नति के बाद भी 158 प्राचार्यों को पोस्टिंग का इंतजार

नईदुनिया प्रतिनिधि,भोपाल। प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट सांदीपनि विद्यालयों में प्राचार्यों के पद बड़ी संख्या में खाली हैं। सरकार ने विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ इन स्कूलों को विकसित करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन वर्तमान में नेतृत्व की कमी से शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

प्रदेश में संचालित 275 सांदीपनि विद्यालयों में केवल 66 में प्राचार्य पदस्थ हैं, जबकि 179 स्कूल प्राचार्य विहीन बताए जा रहे हैं। ये स्कूल प्रभारी प्राचार्यों के भरोसे संचालित हो रहे हैं।

परीक्षा और इंटरव्यू के बाद भर्ती नहीं

सांदीपनि विद्यालयों में प्राचार्य की पदस्थापना साक्षात्कार के माध्यम से किया गया था। वहीं शिक्षकों की भर्ती लिखित परीक्षा और साक्षात्कार से की गई थी। 2022 में शुरू हुए इन स्कूलों में प्राचार्य समेत शिक्षकों का पूरा स्टाफ उपलब्ध कराया गया था।


अब कई पद सेवानिवृत्त होने से भी खाली हो गए हैं। राजधानी का सांदीपनि विद्यालय महात्मा गांधी में दो माह से प्राचार्य पद खाली है।वहीं सांदीपनि विद्यालय बर्रई में भी करीब छह माह से प्राचार्य का पद खाली है।

सामान्य स्कूलों में भी बड़ी कमी

सांदीपनि विद्यालय ही नहीं,बल्कि सामान्य हायर सेकेंडरी स्कूलों में भी प्राचार्यों की कमी है। प्रदेश में करीब 3599 हायर सेकेंडरी स्कूल हैं, इनमें करीब दो हजार प्राचार्य पद रिक्त हैं। वहीं 3,833 हाई स्कूल प्राचार्य के स्वीकृत पद में से 1,712 पद खाली है। ऐसे में बड़ी संख्या में स्कूल प्रभारी व्यवस्था के तहत संचालित हो रहे हैं।

प्राचार्य का पद खाली होने से शैक्षणिक गतिविधियों के साथ प्रशासनिक और विकास संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

प्रमोशन हुआ, पोस्टिंग का इंतजार

पदोन्नति पर लगी रोक हटने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने प्राचार्य पदों पर पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू की। व्याख्याता से हाईस्कूल प्राचार्य पद पर 1079 और हाईस्कूल से हायर सेकेंडरी प्राचार्य पद पर 509 शिक्षकों को पदोन्नति दी गई है।

हायर सेकेंडरी प्राचार्यों के प्रमोशन आदेश 13 अगस्त को जारी हुए थे, लेकिन अब तक पदस्थापना का इंतजार है।विभागीय स्तर पर पदोन्नत प्राचार्यों को उनकी वर्तमान पदस्थापना वाले स्कूल में ही प्राचार्य बनाने का प्रस्ताव तैयार है,लेकिन प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है।

यह भी पढ़ें- एमपी के स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खुशखबरी, सांदीपनि स्कूलों में शुरू होगी नवोदय जैसी हॉस्टल सुविधा

पदस्थापना को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं

जनजाति कार्य विभाग में भी उच्च पद का प्रभार दिए जाने के बाद पदस्थापना नहीं हुई है। तीन साल पहले प्राचार्यों से स्कूलों के विकल्प लिए गए थे, लेकिन सभी को विकल्प के आधार पर पदस्थापना नहीं मिली। अब पदोन्नति के बाद विकल्प या काउंसलिंग की प्रक्रिया को लेकर भी स्पष्टता नहीं है।

शिक्षकों का कहना है कि पदोन्नति के बाद पारदर्शी तरीके से पदस्थापना की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए, ताकि स्कूलों में प्राचार्यों की कमी दूर हो सके।

सांदीपनि विद्यालयों में प्राचार्यों व शिक्षकों की पदस्थापना को लेकर प्रक्रिया चल रही है। जल्द रिक्त पदों पर पदस्थापना पूरी कर ली जाएगी।- रवींद्र सिंह, अपर संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय