भोपाल में चाइनीज मांझे से बाइक सवार कॉन्स्टेबल की गर्दन कटी; गले पर आया गहरा घाव, बाल-बाल बची जान
पॉलीटेक्निक चौराहे के आगे गांधी भवन के सामने ड्यूटी से घर लौट रहे आरक्षक रवि शिल्पी की गर्दन में चाइनीज मांझा फंस गया, जिससे गहरा घाव हो गया।
Publish Date: Sat, 03 Oct 2026 08:12:09 PM (IST)Updated Date: Sat, 03 Oct 2026 08:12:09 PM (IST)
प्रतीकात्मकHighLights
- पॉलीटेक्निक चौराहे के आगे गांधी भवन के सामने हुआ हादसा
- ड्यूटी से घर लौट रहे आरक्षक की गर्दन में चाइनीज मांझा फंसा
- राहगीरों ने घायल आरक्षक को हमीदिया अस्पताल पहुंचाया
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रतिबंध के बावजूद शहर में चाइनीज मांझे का इस्तेमाल किस तरह लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है, इसका खतरनाक उदाहरण शुक्रवार शाम पॉलीटेक्निक चौराहे के पास सामने आया।
तलैया थाने में पदस्थ आरक्षक रवि शिल्पी बाइक से घर लौट रहे थे, तभी गांधी भवन के सामने अचानक पतंग का मांझा उनकी गर्दन से जा टकराया। बाइक की रफ्तार में मांझे ने उनकी गर्दन को काट दिया। रवि ने तत्काल बाइक रोककर खुद को संभाला। कुछ ही देर में गर्दन से खून बहने लगा।
राहगीरों ने उन्हें हमीदिया अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने घाव पर टांके लगाए। उपचार के बाद शनिवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई।
ड्यूटी से घर जा रहा था आरक्षक
रवि ने पुलिस को बताया कि वह नेहरूनगर पुलिस लाइन में रहते हैं। शुक्रवार शाम करीब 6:40 बजे ड्यूटी खत्म करने के बाद तलैया थाने से बाइक से घर जा रहे थे।
पॉलीटेक्निक चौराहा पार कर गांधी भवन के सामने पहुंचे ही थे कि उन्हें सामने हवा में मांझा दिखाई दिया। वह कुछ समझ पाते, इससे पहले मांझा गर्दन में फंस चुका था। धारदार मांझे से गर्दन पर कट लगते ही उन्होंने ब्रेक लगाकर बाइक रोक दी।
न तार में फंसा था, न जमीन पर पड़ा मिला मांझा
घटना के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया, लेकिन वहां चाइनीज मांझा नहीं मिला। घायल आरक्षक ने भी बताया कि मांझा किसी बिजली या अन्य तार में उलझा हुआ नहीं था। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वहां पतंग उड़ाई जा रही थी या कटने के बाद उसका मांझा हवा में बहते हुए सड़क तक पहुंचा था।
पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ लापरवाही से चोट पहुंचाने का केस दर्ज किया है। अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि पता चल सके कि घटना के समय आसपास कौन पतंग उड़ा रहा था और मांझा सड़क तक कैसे पहुंचा।
गर्दन पर फंदे की तरह आया मांझा
बाइक चलाते समय अचानक गर्दन पर मांझा आने से रवि के पास संभलने का मौका तक नहीं था। उन्होंने तत्काल ब्रेक लगाकर बाइक रोक दी, जिससे स्थिति और गंभीर होने से बच गई। गर्दन जैसे संवेदनशील हिस्से पर धारदार मांझे का कट लगने के बावजूद समय पर इलाज मिलने से उनकी जान बच गई।