नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। लंबे समय से भोपाल से अयोध्या के लिए सीधी ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों को रेलवे जल्द ही राहत दे सकता है। बुधवार को पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक दीपक कुमार सिंह ने सांसदों के साथ बैठक में अयोध्या के लिए ट्रेन चलाने की बात कही।
बैठक में सिर्फ नई ट्रेनें ही नहीं, बल्कि रामगंज मंडी-भोपाल रेल लाइन, ट्रेनों के ठहराव, स्टेशनों के विकास और यात्री सुविधाओं से जुड़े कई बड़े मुद्दे भी उठे। रामगंज मंडी रेल लाइन अगले साल मार्च तक शुरू होने की उम्मीद है।
ट्रेनों के संचालन में सुधार की मांग
राज्यसभा सदस्य रजनीश अग्रवाल ने भोपाल से अयोध्या के लिए प्रतिदिन सीधी ट्रेन चलाने और महामना एक्सप्रेस का रानी कमलापति स्टेशन तक विस्तार करने की मांग की। उन्होंने मंडी बामोरा में प्रयागराज, इटारसी व पातालकोट एक्सप्रेस के ठहराव की मांग रखी।
मंडी बामोरा को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल करने, बीना स्टेशन के पास पीपीपी मॉडल पर बड़ा अस्पताल बनाने और विंध्याचल एक्सप्रेस का समय शाम 6:20 के बजाय 7:50 बजे करने का सुझाव दिया।
भोपाल-बीना-इटारसी चौथी रेल लाइन को मंजूरी
बैठक में रेलवे की ओर से बताया गया कि भोपाल-बीना-इटारसी चौथी रेल लाइन को मंजूरी मिल चुकी है और इसका टेंडर भी जारी हो गया है। इसे तीन से चार साल में पूरा करने का लक्ष्य है। बीना-भोपाल के बीच ऑटोमेटिक सिग्नलिंग का आधे से अधिक काम पूरा हो चुका है। वहीं, रामगंज मंडी-भोपाल रेल लाइन मार्च 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है।
बैठक में ग्वालियर से इंदौर के बीच गुना, शिवपुरी, ब्यावरा, शाजापुर और देवास होकर गुजरने वाली रेल लाइन के दोहरीकरण का मुद्दा भी उठाया गया। इस सुझाव को रेलवे बोर्ड ने स्वीकार किया है और इस दिशा में चर्चा आगे बढ़ रही है।
निशातपुरा स्टेशन पर गंदगी का मुद्दा उठा
भोपाल सांसद आलोक शर्मा के प्रतिनिधि राजीव चतुर्वेदी ने निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर गंदगी, धूल और सफाई की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि स्टेशन उप प्रबंधक और कमर्शियल विभाग के अधिकारियों की नियमित पदस्थापना नहीं है।
टिकट खिड़की पर भी सीमित समय तक ही कर्मचारी उपलब्ध रहते हैं। उन्होंने पर्याप्त अधिकारी-कर्मचारी तैनात करने, एप्रोच रोड और सिटी रोड कनेक्टिविटी सुधारने, ऑटो सुविधा बढ़ाने तथा वाटर कूलर और पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की।
स्टेशन के बाहर स्थित सीडब्ल्यूसी गोदामों को दूसरी जगह शिफ्ट करने का मुद्दा भी उठाया। इसके अलावा भोपाल-नागपुर वंदे भारत और निजामुद्दीन-बेंगलुरु राजधानी एक्सप्रेस का रानी कमलापति स्टेशन पर ठहराव मांगा।
13 में से आठ सांसद ही पहुंचे
इस बैठक में पश्चिम मध्य रेलवे क्षेत्र से संबंधित 13 सासदों को आमंत्रित किया गया था, उनमें 8 सांसद ही पहुंचे। इसमें राज्यमंत्री एवं बैतूल सांसद दुर्गा दास उईके, राजगढ़ के रोडमल नागर, होशंगाबाद (नर्मदापुरम) के दर्शन सिंह चौधरी, राज्यसभा सदस्य माया नारोलिया, सागर की डॉ. लता वानखेड़े, ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह, देवास के महेंद्र सिंह सोलंकी, राज्यसभा सदस्य रजनीश कुमार अग्रवाल, अशोक सिंह शामिल थे। भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने अपना प्रतिनिधि भेजा था।
चर्चा से बनी उम्मीद
- अगले छह महीने में सांसदों के सुझावों पर काम करने का लक्ष्य।
- ग्वालियर-इंदौर रेल लाइन के दोहरीकरण से 150 किमी तक कम हो जाएगी दिल्ली-मुंबई के बीच की दूरी।
- त्योहारों के लिए 60 से अधिक स्पेशल ट्रेनों की तैयारी।