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'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान' ने पार लगाई भोपाल पुलिस की नैया, पकड़ में आया हत्या का आरोपी

रिटायर्ड आईएएस राकेश अग्रवाल की हत्या के आरोपी की पुलिसकर्मियों ने पुजारी, सब्जीवाले, माली और चायवाले का भेष धारण कर तलाश की। भजन मंडली बनाकर 'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान' गाते हुए भी जानकारी जुटाई।

By Brijendra RishishwarEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Wed, 04 Nov 2026 09:17:52 AM (IST)Updated Date: Wed, 04 Nov 2026 09:17:52 AM (IST)
'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान' ने पार लगाई भोपाल पुलिस की नैया, पकड़ में आया हत्या का आरोपी
हत्या के आरोपी के वरूण कुमार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस भजन मंडली बनी और टीआई रासबिहारी शर्मा मुख्य पुजारी के रूप में आगरा में घूमे।- फोटेा पुलिस

HighLights

  1. भजन मंडली बनकर पुलिस ने आरोपी को पकड़ा
  2. 15 टीमों ने एक महीने तक चलाया अभियान
  3. रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल की हत्या का मामला

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी के रातीबड़ क्षेत्र के बहुचर्चित रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने मंगलवार को आरोपित को गिरफ्तार कर राजफाश कर दिया। घटना के बाद से फरार चल रहे आरोपित 27 वर्षीय वरुण कुमार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के मार्गदर्शन में तैयार की गई योजना और 15 टीमों के एक महीने चले लंबे अभियान ने आखिरकार रंग दिखाया।

पुलिस ने आगरा में भजन मंडली बनाकर जगह-जगह हनुमान अंश का गाना 'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान सागर में नैया डार दई' गाया। जिसके बाद पुलिस की नैया पार लगी और आरोपित पुलिस के हत्थे चढ़ गया। भजन मंडली के मुख्य पुजारी रातीबड़ के टीआई आरबी शर्मा बने थे।


ऐसे बदली रणनीति

आरोपित के फरार रहने के दौरान अक्टूबर माह में पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने अधिकारियों के साथ एक बैठक की और रणनीति में बदलाव किया। आरोपित को यह भ्रम देने के लिए कि मामला अब ठंडा पड़ चुका है, पुलिस ने अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव किया और अंडरग्राउंड होकर काम करना शुरू किया। आगरा, मथुरा और वृंदावन के मंदिरों, रैन बसेरों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों के आसपास पुलिसकर्मियों ने भेष बदले।

आरोपित को पकड़ने के लिए पुलिसकर्मियों ने पुजारी, सब्जीवाला, माली और चायवाला तक का रूप धरा व आम लोगों से मेल-मिलाप बढ़ाया। यहां तक कि पुजारी बने पुलिसकर्मियों ने मंडली बनाकर बाकायदा मंदिरों, मोहल्लों और गलियों में भजन-कीर्तन भी किए। पांच-पांच दिन की शिफ्ट में काम करते हुए पुलिसकर्मियों ने आरोपित के बारे में जानकारी जुटाई और उस पर लगातार निगाह रखी।

भोपाल से पठानकोट तक में फरारी, आगरा-मथुरा मार्ग से हुई गिरफ्तारी

हत्या करने के बाद आरोपित वरुण वाल्मीकि करीब तड़के 4:12 बजे भोपाल रेलवे स्टेशन से केरला एक्सप्रेस में सवार होकर फरार हुआ था। फरारी के दौरान वह ग्वालियर, आगरा, वृंदावन, दिल्ली, हरियाणा, ऋषिकेश, मनाली, कुल्लू, पठानकोट तक भटकता रहा। इस दौरान उसने एक ट्रक पर क्लीनर का काम भी किया। वह दिन में काम और रात में गांजे का नशा करके रात गुजार रहा था।

पिछले 14 दिनों से वह आगरा में रह रहा था

इधर, आरोपित की तलाश में पुलिस ने उसके 100 से ज्यादा रिश्तेदारों से पूछताछ की तथा पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और जीआरपी ग्वालियर-सागर पुलिस के सहयोग से सघन चेकिंग अभियान चलाया।

आखिर में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी के हत्यारे के 14 दिन पहले आगरा आने की खबर भोपाल पुलिस को मिल गई थी, जिसके बाद एसआईटी के साथ रातीबड़ पुलिस और क्राइम ब्रांच ने आगरा में डेरा डाल लिया था।

कचरे का बैग लिए दिखा और पुलिस ने दबोचा

पुलिस को जानकारी मिली थी कि आरोपित का आगरा से गहरा जुड़ाव है, उसकी महिला मित्र और काफी रिश्तेदार आगरा में हैं। सूचना मिलते ही सभी टीमों को एकत्र कर घेराबंदी की गई। चूंकि आरोपित मोबाइल इस्तेमाल नहीं कर रहा था, ऐसे में पुलिस ने अलग-अलग शहरों में उसके पोस्टर चिपकाए थे।


सोमवार शाम को आगरा-मथुरा मार्ग पर जब आरोपित हाथ में कचरे का बैग लिए दिखा, तो पुलिस टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भागने का प्रयास कर रहे आरोपित को दबोच लिया।

आरोपित गिरफ्त में आने के बाद भी हंसता रहा

पुलिस गिरफ्त में आने के बाद भी वह हंसता रहा। जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि वह आईएएस अधिकारी की हत्या के बाद गैस सिलेंडर का पाइप खोलकर आया था। हत्या के बाद पूरे घर को आग लगाकर उड़ाने की उसकी योजना थी। उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं था।

यह भी पढ़ें- भोपाल में रिटायर्ड IAS की हत्या के आरोपी वरुण कुमार का शॉर्ट एनकाउंटर, आगरा से हुई गिरफ्तारी

आरोपित की पृष्ठभूमि और आपराधिक इतिहास

वरुण वाल्मीकि मूलतः ग्वालियर का रहने वाला है। उसके दस्तावेजों पर पता आशा कालोनी पटियाला, पंजाब और लखनपुर कॉलोनी आगरा दर्ज है। उसके पिता सेना में सफाईकर्मी रहे हैं। आरोपित बचपन में अपनी मां के साथ आगरा में भी रहा और बाद में विभिन्न राज्यों में हाउसकीपिंग व मजदूरी का काम करता रहा।

भोपाल में उसने वर्मा होम हेल्थकेयर एजेंसी के माध्यम से मृतक के घर काम हासिल किया था। उसकी एक महिला मित्र भी है, जो ग्वालियर की रहने वाली है और आगरा में नौकरी करती है; उससे मिलने के लिए वह हमेशा आगरा जरूर जाता था।

जांच के मुख्य बिंदु

- जांच में सामने आया कि आरोपित का पुराना आपराधिक और विवादित रिकॉर्ड रहा है

- नैनीताल (दिसंबर 2025-फरवरी 2026) : 92 वर्षीय बुजुर्ग की देखभाल के दौरान नशे की लत के चलते उसने बुजुर्ग का गला दबाकर हत्या का प्रयास किया था।

- जयपुर (जून 2026): 'रूही हेल्थ केयर' के माध्यम से केयरटेकर बना, लेकिन खराब व्यवहार के कारण हटा दिया गया।

- ग्वालियर (अगस्त 2026): 'सार्थू होम नर्सिंग केयर' से मोबाइल फोन चोरी करने का आरोप।

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