
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मानसून से पहले नगर निगम ने जर्जर भवनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार को गौतम नगर स्थित पाठ्य पुस्तक निगम के करीब 40 साल पुराने जर्जर क्वार्टरों को ढहा दिया गया। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, इन भवनों को जून 2025 में खाली करने का नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद सभी क्वार्टर खाली करा लिए गए थे। लंबे समय से खाली पड़े इन भवनों को बारिश के दौरान संभावित हादसे की आशंका को देखते हुए हटाया गया है।
नगर निगम के अनुसार, शहर में वर्तमान में 2275 मकान जर्जर और अति जर्जर स्थिति में हैं, जो बारिश के दौरान कभी भी ढह सकते हैं। इनमें से अब तक तीन मकानों को निगम द्वारा गिराया जा चुका है, जबकि एक मकान मालिक ने स्वयं अपना भवन ढहा दिया। इसके बाद अब 2271 मकानों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। निगम इन भवनों के मालिकों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया में जुटा है। जर्जर मकानों में सबसे अधिक हाउसिंग बोर्ड के हैं।
हैरानी की बात यह है कि शहर में जर्जर भवनों का नया सर्वे पिछले तीन वर्षों से नहीं हुआ है। नगर निगम अभी भी वर्ष 2022 के सर्वे के आधार पर ही जर्जर भवनों की सूची तैयार कर रहा है। बरसात से पहले नया सर्वे होना था, लेकिन अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। अधिकारियों का कहना है कि विधानसभा स्तर पर सहायक यंत्री जर्जर भवनों की सूची अपडेट कर रहे हैं।
पुरानी सूची में सबसे अधिक जर्जर भवन हाउसिंग बोर्ड के हैं। जोन-11 के वार्ड 40 और 41 में स्थित ऐशबाग जनता क्वार्टरों को पिछले पांच वर्षों से अति जर्जर घोषित किया जा रहा है। यहां बिजली और पानी के कनेक्शन तक काट दिए गए, लेकिन कई मकान अब भी खाली नहीं हुए हैं। अंत्योदय नगर, बैंक कालोनी, पंजाबी बाग और अजीत मार्केट क्षेत्र में भी 626 अति जर्जर मकान चिह्नित हैं।
इसके अलावा ओल्ड सुभाष नगर में ईडब्ल्यूएस, जूनियर एलआइजी और एलआइजी-एमआइजी क्वार्टर सहित गोविंद गार्डन में लक्ष्मी अपार्टमेंट, गौतम नगर में पुलिस क्वार्टर, कस्तूरबा नगर में ईडब्ल्यूएस ब्लाक को जर्जर घोषित किया गया है। इस प्रकार कुल 327 सरकारी भवन जर्जर हैं।