
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। नगर निगम के किसी भी कर्मचारी या अधिकारी द्वारा जन्म-मृत्यु और विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र जारी करने के नाम पर एक रुपया भी लेना अब गंभीर अपराध माना जाएगा। ऐसा करते पाए जाने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन
यह स्पष्ट निर्देश नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने बुधवार को आइएसबीटी में आयोजित टीएल बैठक में दिए। आयुक्त ने साफ कहा कि जन्म-मृत्यु और विवाह पंजीयन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है, इसके बावजूद यदि नागरिकों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगवाए जा रहे हैं या आफलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं तो यह अस्वीकार्य है।
तत्काल कार्रवाई होगी
उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि यदि किसी आवेदक से अवैध राशि मांगने या देरी की शिकायत सीएम हेल्पलाइन 181 पर दर्ज होती है, तो वह शिकायत सीधे आयुक्त तक पहुंचेगी और संबंधित के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होगी।
15-15 दिन तक जारी नहीं किए जा रहे थे प्रमाण पत्र
आयुक्त को शिकायतें मिली थीं कि आनलाइन व्यवस्था लागू होने के बावजूद कई जगह आफलाइन आवेदन लेकर 15-15 दिन तक प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं। इस पर आयुक्त ने टीएल बैठक में विस्तार से चर्चा की। बुधवार शाम सवा पांच बजे शुरू हुई यह बैठक देर रात करीब 9 बजे तक चली।
संपत्तिकर वसूली की ढिलाई पर लगाई फटकार
बैठक के दौरान आयुक्त ने पहले विधानसभा स्तर पर तैनात राजस्व अधिकारियों को संपत्तिकर वसूली में ढिलाई पर फटकार लगाई। इसके बाद इंजीनियरों द्वारा आनलाइन जानकारी अपडेट न करने पर नाराजगी जताई।
बैठक के दौरान आयुक्त ने अधिकारियों से नियमों की जानकारी ली और स्पष्ट किया कि अब एक मास्टर ऐप तैयार किया गया है, जिस पर सारी जानकारी आनलाइन उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि इस सिस्टम की स्वयं मानिटरिंग करेंगी, ताकि नागरिकों को समय पर और बिना किसी परेशानी के प्रमाण पत्र मिल सकें।
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