
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। आदमपुर छावनी की कचरा खंती में जमा साढ़े सात लाख टन कचरे के पहाड़ को खत्म करने की जिम्मेदारी संभाल रही सौराष्ट्र एनवायरो कंपनी की धीमी रफ्तार से नगर निगम की चिंता बढ़ गई है। न्यायालय के आदेश पर निगम को 330 दिन में पुराने कचरे का निष्पादन करना है, लेकिन टेंडर दिए छह माह बीतने के बाद भी आधे कचरे का निष्पादन नहीं हो सका है। अब करीब पांच माह का समय ही बचा है।
सोमवार को लैंडफिल साइट का निरीक्षण करने पहुंचे निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने काम की गति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इसी रफ्तार से काम चलता रहा तो मार्च तक तो दूर, अगले ढाई साल में भी कचरे का निष्पादन नहीं हो सकेगा। उन्होंने मौके से ही कंपनी संचालक से मोबाइल पर चर्चा कर मशीनरी और अन्य संसाधन तत्काल बढ़ाने के निर्देश दिए।
साथ ही आरडीएफ का समय पर उठाव नहीं होने पर कंपनी को नोटिस जारी करने और तय समयसीमा में काम पूरा नहीं करने पर पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए। आयुक्त ने कचरा निष्पादन में तेजी लाने के लिए छह अतिरिक्त वज्र लगाने को भी कहा।
आयुक्त ने लैंडफिल साइट के मानचित्र का अवलोकन कर चारों ओर वज्र लगाने के लिए स्थान चिह्नित किए। अधिकारियों को सात दिन के भीतर यह व्यवस्था पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल मशीनें बढ़ाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि हर सप्ताह कचरा निष्पादन का लक्ष्य तय कर उसकी उपलब्धि की समीक्षा भी करनी होगी। उन्होंने पुराने कचरे के साथ रोज पहुंच रहे गीले कचरे का निष्पादन भी तेज करने पर जोर दिया।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त को आरडीएफ (रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल) का परिवहन भी संतोषजनक नहीं मिला। लैंडफिल साइट पर आरडीएफ का ढेर बढ़ने से रोकने के लिए आयुक्त ने आसपास की कंपनियों को इसके परिवहन और विक्रय में प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
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कचरे के निष्पादन, आरडीएफ के परिवहन और इनर्ट के निपटान के लिए अलग-अलग साप्ताहिक लक्ष्य तय होंगे। अधिकारियों को लगातार निगरानी कर समयसीमा में लक्ष्य पूरा कराने को कहा गया। निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त अमन मिश्रा, मुख्य अभियंता संतोष गुप्ता, उपायुक्त चंचलेश गिरहारे सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।