
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के 40 हजार शिक्षकों की पदोन्नति की जानी है, जिसके लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करना अनिवार्य है। सरकारी स्कूलों के लगभग डेढ़ लाख शिक्षकों के लिए इस पात्रता परीक्षा का आयोजन दिसंबर के दूसरे सप्ताह में तय किया गया है, लेकिन इसके लिए केवल 34 हजार शिक्षकों ने ही आवेदन किया है। इनमें से मात्र चार हजार शिक्षक ही सरकारी स्कूलों के हैं। माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) ने दिसंबर में होने वाली परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी है।
प्रथम चरण में आवेदकों की कम संख्या को देखते हुए, विभाग ने पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए जनवरी में टीईटी का दूसरा चरण आयोजित करने की तैयारी की है। लोक शिक्षण विभाग (डीपीआई) के आयुक्त अभिषेक सिंह का कहना है कि पहले चरण की परीक्षा दिसंबर के दूसरे सप्ताह में होगी और इसके तुरंत बाद जनवरी में दूसरा चरण कराया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक शिक्षक पात्र बन सकें।
डीपीआई ने योग्य शिक्षकों की सूची जुटाना शुरू कर दिया है। टीईटी के दोनों चरण सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद, शैक्षणिक सत्र के अंत में शिक्षकों को पदोन्नत किए जाने की पूरी संभावना है, जिससे स्कूलों में प्रशासनिक व्यवस्था और सुचारू हो सकेगी।
दूसरी ओर डीपीआई के पास ई-अटेंडेंस और हमारे शिक्षक एप से जुड़ी कई तकनीकी व प्रक्रियागत विसंगतियां सामने आ रही हैं। इनमें मुख्य रूप से अवकाश दर्ज करने, आधे दिन के अवकाश (हाफ-डे लीव) और सुबह लॉग-इन करने के समय से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि शिक्षकों को आ रही इन सभी तकनीकी समस्याओं का समाधान दीपावली से पहले कर लिया जाएगा।
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