• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

भोपाल के आदमपुर का कचरे का पहाड़ ठेकों में फंसा, दो कंपनियां फेल, अब NGT ने 4 सप्ताह का दिया अल्टीमेटम

भोपाल के आदमपुर खंती में वर्षों से जमा कचरे के पहाड़ को हटाने की कवायद एक बार फिर ठेकों और प्रक्रियाओं के फेर में उलझ गई है। इसी बीच एनजीटी ने मामले क...और पढ़ें

By Madanmohan malviyaEdited By: Mohan Kumar
Publish Date: Sun, 04 Oct 2026 08:09:44 AM (IST)Updated Date: Sun, 04 Oct 2026 08:20:46 AM (IST)
भोपाल के आदमपुर का कचरे का पहाड़ ठेकों में फंसा, दो कंपनियां फेल, अब NGT ने 4 सप्ताह का दिया अल्टीमेटम
आदमपुर का कचरे का पहाड़ ठेकों में फंसा

HighLights

  1. 2020 से निस्तारण की कोशिशें जारी, एक के बाद दूसरा ठेका निरस्त
  2. एनटीपीसी का करार भी नहीं चढ़ा सिरे
  3. चार सप्ताह में बताना होगा जमीन पर कितना काम हुआ

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। आदमपुर खंती में वर्षों से जमा कचरे के पहाड़ को हटाने की कवायद एक बार फिर ठेकों और प्रक्रियाओं के फेर में उलझ गई है। पुराने लिगेसी वेस्ट के निस्तारण के लिए नगर निगम ने दो कंपनियों को काम सौंपा, लेकिन दोनों तय समय में काम पूरा नहीं कर सकी। एक के बाद दूसरा कार्यादेश निरस्त करना पड़ा। इतना ही नहीं, एनटीपीसी के साथ किया गया पूर्व अनुबंध भी अमल में नहीं आ सका। अब निगम ने 0.4 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक लिगेसी वेस्ट के निस्तारण के लिए नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू की है।

इसी बीच नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चार सप्ताह में एक्शन टेकन रिपोर्ट तलब कर दी है। एनजीटी की सेंट्रल जोन बेंच ने पर्यावरण कार्यकर्ता नितिन सक्सेना की याचिका पर सुनवाई करते हुए नगर निगम और संबंधित विभागों को आदमपुर में लंबित लिगेसी वेस्ट के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए। अधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट के ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी आदेशों और सालिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई नौ दिसंबर 2026 को होगी।


पांच साल में दो ठेके, नतीजा फिर शून्य

नगर निगम के अनुपालन शपथ पत्र के अनुसार आदमपुर के पुराने कचरे के निस्तारण के लिए 23 नवंबर 2020 को ग्रीन रिसोर्स को कार्यादेश दिया गया था। निर्धारित अवधि में काम पूरा नहीं होने पर कार्यादेश निरस्त कर पेनाल्टी की कार्रवाई की गई। इसके बाद 18 जून 2025 को सुज्जा जेवी आनंद आटो को जिम्मेदारी दी गई, लेकिन यह कंपनी भी समय सीमा में काम पूरा नहीं कर सकी। उसका कार्यादेश भी निरस्त कर दिया गया।

अब 330 दिन का लक्ष्य, निगरानी एनजीटी की

दो ठेकों के विफल होने के बाद निगम ने नए सिरे से निविदा प्रक्रिया शुरू की है। 17 अक्टूबर 2025 की बैठक के निर्णय के आधार पर 0.4 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक लिगेसी वेस्ट के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए 330 दिन का लक्ष्य रखा गया है। एनजीटी ने इस प्रक्रिया में तेजी लाने और वास्तविक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

एनटीपीसी का करार भी नहीं आया काम

सुनवाई में यह तथ्य भी सामने आया कि एनटीपीसी के पक्ष में जारी पूर्व टेंडर/अनुबंध भी धरातल पर लागू नहीं हो सका। अब नई टेंडर प्रक्रिया के जरिए काम आगे बढ़ाने का दावा किया जा रहा है। एनजीटी के आदेश के बाद अगले चार सप्ताह में निगम को केवल प्रक्रिया नहीं, बल्कि जमीन पर हुई कार्रवाई का प्रमाण भी पेश करना होगा।

कलियासोत कैचमेंट में डंपिंग का भी मुद्दा

याचिका में आदमपुर के अलावा भोपाल के हरित क्षेत्रों और कलियासोत डैम के कैचमेंट क्षेत्र में कथित अवैध डंपिंग और कचरा जलाने का मुद्दा भी उठाया गया। याचिकाकर्ता ने इससे वायु प्रदूषण और पर्यावरणीय नुकसान होने की बात कही। एनजीटी ने अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का सख्ती से पालन और अवैज्ञानिक डंपिंग पर रोक सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

भानपुर साफ, आदमपुर अभी बाकी

नगर निगम ने एनजीटी में बताया कि भानपुर खंती में बायो-रेमेडिएशन, वैज्ञानिक क्लोजर और 21.03 एकड़ भूमि का पुनरुद्धार 52.38 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जा चुका है। इसके विपरीत आदमपुर का लिगेसी वेस्ट अभी भी चुनौती बना हुआ है। वहीं एनजीटी द्वारा लगाए गए 1.80 करोड़ रुपये के पर्यावरणीय मुआवजे पर सुप्रीम कोर्ट की रोक है और मामला लंबित है।

चार सप्ताह बाद खुलेगी कार्रवाई की तस्वीर

अब निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित विभागों को चार सप्ताह में बताना होगा कि नई निविदा प्रक्रिया कहां पहुंची, आदमपुर में कितना लिगेसी वेस्ट हटाया गया और आगे की समयबद्ध कार्ययोजना क्या है। एनजीटी का निर्देश इस मामले में अब ठेके की प्रक्रिया से ज्यादा जमीन पर वास्तविक निस्तारण को केंद्र में रखता है।

यह भी पढ़ें- मध्य प्रदेश में NGT की स्टोन क्रशर इकाइयों पर सख्ती, आबादी; मंदिर और सरकारी निर्माण से 500 मीटर में संचालन पर रोक

प्लांटों की स्थिति भी पेश

सुनवाई में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रदेश की वेस्ट-टू-एनर्जी, आरडीएफ, बायो-सीएनजी और सीबीजी परियोजनाओं की जानकारी भी दी। इसमें रीवा का 500 टीपीडी आरडीएफ, जबलपुर का 600 टीपीडी आरडीएफ, इंदौर का 550 टीपीडी बायो-सीएनजी और ग्वालियर का 310 टीपीडी सीबीजी संयंत्र शामिल है।

आदमपुर में कचरे की ‘फाइल’ का सफर

  • 23 नवंबर 2020: ग्रीन रिसोर्स को कार्यादेश।
  • काम समय पर नहीं हुआ, कार्यादेश निरस्त।
  • 18 जून 2025: सुज्जा जेवी आनंद आटो को नया ठेका।
  • दूसरा ठेका भी समय पर पूरा नहीं हुआ।
  • एनटीपीसी से जुड़ा पूर्व अनुबंध भी अमल में नहीं आया।
  • अब 0.4 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक कचरे के लिए नई टेंडर प्रक्रिया।
  • लक्ष्य अवधि 330 दिन।
  • एनजीटी ने चार सप्ताह में एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी।