नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल । मध्य प्रदेश के 12 आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बीएएमएस में प्रवेश का रास्ता बंद हो गया है। भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (एनसीआईएसएम) ने इन कॉलेजों को नए सत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी है। इससे इन संस्थानों की 950 सीटों पर प्रवेश प्रभावित होगा।
आयोग की सूची में सबसे ज्यादा भोपाल के 6 कॉलेज शामिल
- राजीव गांधी आयुर्वेदिक कॉलेज एंड हॉस्पिटल- 50 सीटें
- वीणावादिनी आयुर्वेद कॉलेज एंड हॉस्पिटल- 60 सीटें
- पराशर आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल- 60 सीटें
- डॉ. शंकर दयाल शर्मा आयुर्वेदिक कॉलेज एंड हॉस्पिटल- 60 सीटें
- आईईएस यूनिवर्सिटी के आयुर्वेद विभाग- 60 सीटें
- राधारमण आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज रिसर्च हॉस्पिटल-100 सीटें
जिलों के 5 कॉलेज शामिल
- बैतूल: ओम आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज- 60 सीटें
- रायसेन: सैम कॉलेज ऑफ आयुर्वेदिक साइंसेज- 100 सीटें
- सीहोर: फैकल्टी ऑफ आयुर्वेद- 100 सीटें
- सीहोर: स्कूल ऑफ आयुर्वेद एंड सिद्धा स्टडीज-100 सीटें
- बालाघाट: सरदार पटेल आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज- 100 सीटें
इन 11 कॉलेजों की कुल 850 सीटें हैं। वहीं देवास स्थित अमलतास इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की 100 सीटों की मान्यता वापस ले ली गई है। इस तरह 12 संस्थानों की कुल 950 बीएएमएस सीटें प्रभावित हुई हैं।
इस कारण नहीं मिली मान्यता
एनसीआईएसएम ने बताया कि निरीक्षण में सामने आया कि कॉलेजों ने निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं किया था। कई कॉलेजों ने निरीक्षण की सहमति तक नहीं दी। ज्यादातर कॉलेजों में ओपीडी-आईपीडी की संख्या कम मिली।
टीचिंग, नॉन टीचिंग और हॉस्पिटल स्टाफ की भारी कमी थी। स्टाफ नियमित काम नहीं कर रहा था। कॉलेज और संबद्ध अस्पताल की कार्यप्रणाली में भी अंतर पाया गया।
एनसीआईएसएम की सूची प्राप्त हुई है। प्रदेश के जिन 12 कॉलेजों को अनुमति नहीं मिली है काउंसलिंग में उनको शामिल नहीं किया जाएगा। छात्र इन्हीं 494 मान्यता प्राप्त कॉलेजों की सूची देखकर विकल्प भरें। - पंकज शुक्ला, डिप्टी डायरेक्टर, आयुष विभाग, मप्र
आयुष मंत्रालय और आयोग द्वारा मानकों का सख्ती से पालन कराना सही कदम है। प्रदेश में काउंसलिंग शुरू होने से पहले सभी कॉलेजों की मान्यता पर अंतिम फैसला आ जाएगा। - डॉ. राकेश पाण्डेय, प्रवक्ता, आयुष मेडिकल एसोसिएशन