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MP के 7 सरकारी आयुर्वेद कॉलेजों को मिली NCISM की मान्यता; BAMS की 523 और PG की 117 सीटों पर एडमिशन शुरू

सातों कॉलेजों में बीएएमएस की 523 और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की 117 सीटों को मान्यता मिली है। इससे इन कॉलेजों का आयुष नीट काउंसलिंग में शामिल होने का र...और पढ़ें

By mukesh vishwakarmaEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Sat, 03 Oct 2026 04:40:12 PM (IST)Updated Date: Sat, 03 Oct 2026 04:40:12 PM (IST)
MP के 7 सरकारी आयुर्वेद कॉलेजों को मिली NCISM की मान्यता; BAMS की 523 और PG की 117 सीटों पर एडमिशन शुरू
पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद कॉलेज भोपाल। फाइल फोटो

HighLights

  1. सातों शासकीय आयुर्वेद कॉलेजों को एनसीआईएसएम से मान्यता मिली
  2. भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और बुरहानपुर के कॉलेज शामिल
  3. बीएएमएस की 523 और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की 117 सीटों पर प्रवेश शुरू

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। देशभर के 56 आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों की मान्यता रोकने के बीच मध्यप्रदेश के सातों शासकीय आयुर्वेद कॉलेजों को बड़ी राहत मिली है। नेशनल कमीशन फार इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन (एनसीआईएसएम) नई दिल्ली ने सत्र 2026-27 के लिए सातों कॉलेजों को मान्यता दे दी है।

इसके साथ ही ये सभी कॉलेज आयुष नीट काउंसलिंग 2026-27 में शामिल हो गए हैं। सातों कॉलेजों को 523 स्नातक और 117 स्नातकोत्तर सीटें मिली हैं।

निरीक्षण के बाद मिली मंजूरी

बता दें कि मप्र में वर्तमान में निजी और सरकारी मिलाकर 27 कॉलेजों को मान्यता मिल चुकी है। एक निजी कॉलेज का निर्णय आना बाकी है और एक निजी कॉलेज ने मान्यता मिलने के बाद भी अपना नाम वापस ले लिया है। हर साल एनसीआईएसएम द्वारा आयुर्वेद कॉलेजों का निरीक्षण किया जाता है। इसके बाद ही इन कॉलेजों को मान्यता दी जाती है।


मान्यता प्राप्त कॉलेजों में भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, इंदौर और बुरहानपुर के शासकीय कॉलेज शामिल हैं। पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद कॉलेज भोपाल को बीएएमएस यूजी की 75 और एमडी-एमएस पीजी की 74 सीटें मिली हैं।

शासकीय अष्टांग आयुर्वेद कॉलेज इंदौर को यूजी की 75 और पीजी की 15 सीटें मिली हैं। यह पहली बार है जब इंदौर कॉलेज में 15 विषयों में पीजी शुरू होगा। इसमें रचना शरीर, क्रिया शरीर और शालाक्यतंत्र में पांच-पांच सीटों की अनुमति दी गई है।

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किस कॉलेज को कितनी सीटें

शासकीय आयुर्वेद कॉलेज रीवा को यूजी की 75 और पीजी की छह सीटें, ग्वालियर को यूजी की 75 और पीजी की पांच सीटें, उज्जैन को यूजी की 75 और पीजी की 17 सीटें, जबलपुर को यूजी की 75 सीटें और बुरहानपुर को यूजी की 73 सीटें मिली हैं।

इस तरह सातों शासकीय कॉलेजों को कुल यूजी की 523 और पीजी की 117 सीटों की मान्यता मिली है। ये सभी सीटें ईडब्ल्यूएस कोटे सहित हैं। देशभर में अब तक 490 आयुर्वेद कॉलेजों को मान्यता दी जा चुकी है।

प्रदेश के सातों शासकीय आयुर्वेद कॉलेजों को मान्यता मिलना जरूरी था। जिस समय देश के 56 कॉलेजों की मान्यता रोकी गई है, उस दौर में हमारे सभी शासकीय कॉलेजों का मानकों पर खरा उतरना बड़ी उपलब्धि है। - डॉ. राकेश पाण्डेय, प्रवक्ता, आयुष मेडिकल एसोसिएशन।