राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में अगले साल मई-जून में नगरीय निकाय चुनाव प्रस्तावित हैं। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग मतदाता सूची तैयार कर चुका है। इसमें 5,67,21,353 मतदाता हैं। जबकि, भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर के बाद जारी सूची के अनुसार प्रदेश में 5,45,54,655 मतदाता हैं। दोनों के बीच 21,66,698 का अंतर है। इस अंतर को लेकर प्रदेश कांग्रेस आपत्ति दर्ज करा चुकी है।
आयोग ने तय किया है कि वह विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) के बाद जो सूची जारी होगी, उससे अपनी सूची का मिलान करके अंतिम सूची तैयार करेगा।
34 लाख 25 हजार 78 नाम हटाए
प्रदेश में भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के शुद्धीकरण के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) करवाया था। अंतिम मतदाता सूची से मृत, अनुपस्थित और स्थायी रूप से स्थानांतरित 34 लाख 25 हजार 78 मतदाताओं के नाम हटाए गए।
इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी मतदाता सूची का पुनरीक्षण करवाया। मतदान केंद्रों पर सूची का प्रकाशन हुआ। इसके लिए एसआईआर वाली सूची के स्थान पर अपनी पिछले साल की सूची को ही आधार बनाया गया।
दरअसल, भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य निर्वाचन आयोग को प्रक्रिया पूरी न होने का हवाला देकर सूची नहीं दी। उधर, राज्य निर्वाचन आयोग घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन नहीं करता है। जो दावे-आपत्ति आते हैं, उसके आधार पर ही सूची तैयार होती है।
दोनों सूचियों में अंतर
27 जुलाई 2026 को जारी सूची में 5,67,21,353 मतदाता हैं। पुरुष मतदाताओं की संख्या 2,91,09,422, महिला 2,76,10,389 और थर्ड जेंडर 1,542 रही। जबकि, भारत निर्वाचन आयोग की ताजा सूची में पुरुष मतदाता 2,81,71, 989, महिला 2,63, 81,740 और थर्ड जेंडर 926 मतदाता शामिल हैं।
हमने निर्वाचन आयोग से सूची मांगी मगर नहीं मिली। अब एसएसआर के बाद जो नई सूची आएगी, उसके आधार पर हम सूची तैयार करेगा। इससे ही नगरीय निकाय और पंचायतों के चुनाव कराए जाएंगे।- मनोज श्रीवास्तव, राज्य निर्वाचन आयुक्त