अब और सुरक्षित होगी वंदे भारत स्लीपर की यात्रा; BHEL और टीटागढ़ ने मिलाया हाथ, बनी नई जॉइंट वेंचर कंपनी
रेलवे से 80 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की आपूर्ति और 35 साल के रखरखाव का ऑर्डर भेल-टीटागढ़ कंसोर्टियम को मिला है। नई कंपनी ट्रेनों की सुरक्षा, संचालन और...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 16 Sep 2026 08:44:30 PM (IST)Updated Date: Wed, 16 Sep 2026 08:44:30 PM (IST)
भेल और टीटागढ़ रेल सिस्टम्स ने 50:50 हिस्सेदारी वाली संयुक्त उद्यम कंपनी बनाने का करार किया है। सौ- BHELHighLights
- भेल और टीटागढ़ रेल सिस्टम्स ने 50:50 हिस्सेदारी का करार किया
- वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट के रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगी कंपनी
- 80 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की आपूर्ति और 35 साल के रखरखाव का ऑर्डर मिला
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल । देश में रेल सुविधाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) और टीटागढ़ रेल सिस्टम्स (टीआरएसएल) ने एक बड़ा कदम उठाया है।
दोनों कंपनियों ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट के लंबे समय तक रखरखाव के लिए 50:50 की हिस्सेदारी वाली एक संयुक्त उद्यम कंपनी (जेवी) बनाने का समझौता किया है।
इस समझौते पर भेल की कार्यपालक निदेशक श्यामला वेंकटरमन और टीटागढ़ के डिप्टी एमडी अनिल कुमार अग्रवाल ने वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए।
35 साल तक रखरखाव करेगी कंपनी
इस कंसोर्टियम को भारतीय रेलवे से 80 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की आपूर्ति और अगले 35 सालों तक उनकी पूरी देखरेख का ऑर्डर मिला हुआ है।
नई साझा कंपनी दोनों प्रमुख कंपनियों की तकनीकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल करेगी, ताकि ट्रेनों के पूरे 35 साल के सेवाकाल के दौरान उनकी सुरक्षा, संचालन और विश्वसनीयता पूरी तरह चाक-चौबंद बनी रहे।