
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। ट्रेनों में यात्रियों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता और पेंट्रीकारों की व्यवस्था को लेकर सोमवार को मुख्य स्टेशन पर सघन जांच अभियान चलाया।
जबलपुर रेल मंडल की टीम ने 12 ट्रेनों के पेंट्रीकारों की जांच की, जिसमें तीन में अनियमितताएं मिलने पर संबंधित संचालकों पर कुल 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
जांच के दौरान पके हुए भोजन की गुणवत्ता संदिग्ध प्रतीत होने पर बिरयानी और सब्जी के नमूने भी लिए गए हैं। नमूने जांच के लिए भेजे गए है, रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्यवाही की जाएगी।
रेलवे को लंबी दूरी की ट्रेनों में यात्रियों को पेंट्री कार से बेची जा रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता खराब होने की लगातार शिकायतें सामने आ रही थी। इस पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक शशांक गुप्ता, मुख्य वाणिज्य प्रबंधक देवेश सोनी एवं सहायक वाणिज्य प्रबंधक गुन्नार सिंह ने स्टेशन पहुंचकर सघन जांच (फोर्ट्रेस चेक) किया।
जांच में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, साफ-सफाई, खान-पान सेवाओं के निर्धारित मानक और वेंडरों के दस्तावेजों की पड़ताल की गई। इसी तीन ट्रेनों के पेंट्रीकार के अंदर अनियमितताएं मिली।
जांच में सामने आया कि ट्रेन क्रमांक 11062 पवन एक्सप्रेस और 11402 पुणे-सुपौल एक्सप्रेस के पेंट्रीकार संचालन का ठेका आइआरसीटीसी ने आरके एसोसिएट को दिया है। वहीं 13202 जनता एक्सप्रेस के पेंट्रीकार का संचालन आइआरसीटीसी की अनुबंधित निजी ठेका एजेंसी पूर्वांचल कैटरर द्वारा किया जा रहा है। पेंट्रीकार में गंदगी और खाद्य सामग्रियों का उचित तरीके से भंडारण नहीं पाए जाने पर कार्रवाई के साथ चेतावनी भी जारी की गई है।
जांच के दौरान अलग-अलग ट्रेनों के पेंट्रीकार में काम कर रहे 13 वेंडर ऐसे मिले, जिनके पास वैध पहचान पत्र नहीं था। नियमों का पालन जरूरी है। इसकी पालना नहीं किए जाने पर मामले में कार्रवाई करते हुए कुल 13 हजार 890 रुपये जुर्माना वसूल किया गया है।
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