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एम्स भोपाल में सर्जिकल आन्कोलाजी सेमिनार श्रृंखला शुरू, कैंसर के सटीक इलाज में गेम चेंजर बन रही एआई और सूक्ष्म सर्जरी

एम्स भोपाल के सर्जिकल आन्कोलाजी विभाग में सर्जिकल आन्कोलाजी सेमिनार श्रृंखला का शुभारंभ किया गया।

By mukesh vishwakarmaEdited By: Akash Pandey
Publish Date: Tue, 07 Jul 2026 08:45:57 PM (IST)Updated Date: Tue, 07 Jul 2026 08:45:57 PM (IST)
एम्स भोपाल में सर्जिकल आन्कोलाजी सेमिनार श्रृंखला शुरू, कैंसर के सटीक इलाज में गेम चेंजर बन रही एआई और सूक्ष्म सर्जरी
एम्स भोपाल में सर्जिकल आन्कोलाजी सेमिनार श्रृंखला शुरू

HighLights

  1. एम्स भोपाल में सर्जिकल आन्कोलाजी सेमिनार श्रृंखला का शुभारंभ
  2. एआई, रेडियोमिक्स और आधुनिक सर्जिकल तकनीकों पर विशेष जोर
  3. विशेषज्ञों ने नई तकनीकों और शोध आधारित उपचार पर साझा किए अनुभव

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। एम्स भोपाल के सर्जिकल आन्कोलाजी विभाग में सर्जिकल आन्कोलाजी सेमिनार श्रृंखला का शुभारंभ किया गया। कार्यपालक निदेशक प्रो. डॉ. माधवानन्द कर ने कहा कि कैंसर के इलाज में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), गहन अध्ययन, रेडियोमिक्स और सूक्ष्म सर्जरी जैसी आधुनिक तकनीकों की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि इमेजिंग आधारित जांच अब पहले से अधिक सटीक हो गई है, जिससे ऑपरेशन से पहले ही बीमारी का बेहतर आकलन कर मरीज के लिए उचित उपचार तय किया जा सकता है।

उपचार परिणाम और जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा

उन्होंने कहा कि फेफड़ों की जांच के लिए कंप्यूटर आधारित तकनीक, शरीर के बाहर फेफड़ों को जीवित रखकर किया जाने वाला उपचार और एआई आधारित वर्चुअल प्रशिक्षण भविष्य में चिकित्सा शिक्षा और मरीजों के इलाज की दिशा बदलेंगे। आने वाले समय में मरीज केंद्रित उपचार, बहु-विभागीय समन्वय और शोध आधारित सर्जरी ही आन्कोलाजी की पहचान होगी, जिससे कैंसर मरीजों के उपचार परिणाम और जीवन गुणवत्ता में सुधार होगा।


सर्जिकल आन्कोलाजी विभागाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार ने कहा कि कैंसर उपचार में आधुनिक तकनीकों और नवाचारों को अपनाना समय की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से सेमिनार श्रृंखला की शुरुआत की गई है।

शोध आधारित उपचार से मरीजों को बेहतर लाभ मिल सकता है

कार्यक्रम में पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. वैशाली वाल्के, बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो. शिखा मलिक सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद रहे। प्रो. मलिक ने कहा कि समय पर जांच, टीमवर्क और शोध आधारित उपचार से मरीजों को बेहतर लाभ मिल सकता है।

नए शोध पर चर्चा का अवसर मिला

उद्घाटन के बाद आयोजित वैज्ञानिक सत्रों में विशेषज्ञों ने नई सर्जिकल तकनीकों, छाती के कैंसर, एआई आधारित जांच और कैंसर के आधुनिक उपचारों पर व्याख्यान दिए। इन सत्रों में चिकित्सकों और शोधकर्ताओं को अनुभव साझा करने और नए शोध पर चर्चा का अवसर मिला। कार्यक्रम में रेडियोथेरेपी विभाग के प्रो. सैकत दास, डॉ. अभिषेक धर द्विवेदी और डॉ. योगेश खरबीकर भी उपस्थित रहे।

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