
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई 'उड़े देश का आम नागरिक'- संशोधित उड़ान योजना के लिए मध्य प्रदेश सरकार 10 साल के लिए केंद्र सरकार से एमओयू करेगी। 22 सितंबर को नई दिल्ली में मध्य प्रदेश सरकार का विमानन विभाग एमओयू पर हस्ताक्षर करेगा।
दरअसल, केंद्र सरकार की क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने वाली पहली उड़ान योजना अपने 10 साल पूरे करने के कारण खत्म हो गई है। अब इसके स्थान पर अगले 10 साल के लिए बनी संशोधित नई विकसित उड़ान योजना को अपनाने के लिए यह एमओयू किया जाएगा।
नई स्कीम के तहत केंद्र सरकार मध्य प्रदेश के लिए 100 करोड़ रुपये की सहायता देगी। पिछली उड़ान स्कीम में यह सहायता 45 करोड़ रुपये थी। इसमें राज्य सरकार नए हवाई अड्डे बनाने के लिए निशुल्क भूमि उपलब्ध कराएगी।
इस नई स्कीम के तहत राज्य सरकार प्रदेश के सिंगरौली एवं रतलाम हवाई पट्टी को दतिया की तरह एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार कर रही है। नई योजना के तहत केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक 28 हजार 840 करोड़ रुपयों का प्रविधान किया है।
देशभर में अगले 10 वर्षों में 120 नए गंतव्यों (डेस्टिनेशन) को हवाई नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है। चार करोड़ से अधिक नए यात्री सस्ती हवाई यात्रा का लाभ उठा सकेंगे। छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगभग 12 हजार 159 करोड़ रुपये की लागत से 100 नए हवाई अड्डे विकसित किए जाएंगे।
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पर्वतीय, दूरदराज, आकांक्षी (एस्पिरेशनल) और द्वीपीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए लगभग 661 करोड़ रुपये की लागत से 200 आधुनिक हेलीपैड बनाए जाएंगे। क्षेत्रीय मार्गों पर विमान सेवाओं को निरंतर बनाए रखने और एयरलाइन ऑपरेटरों को सहायता देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की वायबिलिटी गैप फंडिंग दी जाएगी।