
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। जिले में साइबर ठगी के तीन अलग-अलग मामले सामने आए हैं। विजय नगर थाना क्षेत्र में हैकर ने अस्पताल कर्मचारी के मोबाइल सोशल मीडिया अकाउंट को हैक कर उसके परिचितों को ऑनलाइन लिंक भेजकर दो बैंक खातों से 1.10 लाख रुपये पार कर दिए।
वहीं घमापुर में ट्रांसपोर्टर बनकर ठग ने 44 हजार रुपए की ठगी की। ओमती में मोबाइल का एक्सेस हासिल कर महिला के यूपीआइ खाते से 60 हजार 998 रुपए निकाल लिए गए। पुलिस ने तीनों मामलों में एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विजय नगर थाना क्षेत्र के रामेश्वरम कालोनी निवासी अतुल कुमार (27) निजी अस्पताल में होम केयर मार्केटिंग का काम करता है। चार सितंबर को उसके मोबाइल पर अस्पताल में काम करने वाले दीपक सेन के नंबर से आनलाइन लिंक आई। लिंक खोलने के बाद उसके बैंक खाते से 55 हजार रुपये निकल गए।
इसी नंबर से अस्पताल के डायरेक्टर कृष्ण कुमार साहू को भी लिंक भेजी गई, जिसे खोलने पर उनके खाते से भी 55 हजार रुपये कट गए। दीपक से संपर्क करने पर उसने मोबाइल का सोशल मीडिया अकाउंट हैक होने की जानकारी दी।
घमापुर थाना क्षेत्र के लालमाटी निवासी दुर्गेश रजक (30) माइनिंग का काम करता है। कुछ दिनों पूर्व एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को बालाजी ट्रांसपोर्टर बताया और माइन में वाहन लगाने का झांसा दिया। एडवांस पेमेंट के नाम पर भेजे गए क्यूआर कोड से दुर्गेश ने यूपीआइ के जरिए 44 हजार रुपये भेज दिए। इसके बाद आरोपित का मोबाइल बंद हो गया।
ओमती थाना क्षेत्र के रसल चौक सिल्वर ओक कम्पाउंड निवासी अनुराधा गुप्ता (37) के मोबाइल में बुधवार को अचानक स्क्रीन खुलना बंद हो गया। कुछ देर बाद यूपीआइ एप खुला मिला। ट्रांजेक्शन देखने पर दो बार में कुल 60 हजार 998 रुपये निकले मिले। महिला ने आरोप लगाया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने मोबाइल का एक्सेस हासिल कर खाते से रकम निकाल ली।