
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल : प्रदेश में गांजे की अवैध खेती पकड़ने के लिए पुलिस अब ड्रोन की मदद ले रही है। कहीं वन क्षेत्रों में तो कहीं कपास और गन्ना की फसल के बीच गांजा की खेती की जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले दिनों मप्र दौरे पर प्रदेश को 31 दिसंबर 2029 तक नशामुक्त बनाने का लक्ष्य दिया था। इसके बाद पुलिस ने मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई तेज की है।
शराब तस्करी भी इसी माह आलीराजपुर पुलिस ने सीमेंट कंटेनर से कुल 1,426 पेटी (12,505 लीटर) अवैध शराब जब्त की। पूछताछ में सामने आया कि शराब को पंजाब-हरियाणा बार्डर के नरवाना क्षेत्र से भरकर राजस्थान के जयपुर, दौसा, कोटा, चित्तौड़गढ़ और मप्र के नीमच, मंदसौर, रतलाम, धार, कुक्षी होते हुए गुजरात के बड़ौदा तक ले जाया जा रहा था। इसमें पुलिस ने राजस्थान के एक व्यक्ति को मुख्य आरोपित बनाया था।
आलीराजपुर पुलिस द्वारा आंबुआ थाना क्षेत्र में गत 11 अक्टूबर को अवैध गांजे की खेती की ड्रोन से जांच की गई। यहां गांजे के 2,040 पौधे जब्त किए गए थे।
खरगोन, धार, बड़वानी और आलीराजपुर में हमने बड़ी मात्रा में गांजा के हरे पौधे पकड़े हैं। इसमें ड्रोन कैमरों की मदद ली गई है। हमारे पास इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में पहले से ड्रोन हैं। अन्य बड़े जिलों में भी उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं। डी श्रीनिवास वर्मा, एडीजी, नारकोटिक्स