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आशा भोसले का भोपाल कनेक्शन... 1989 के राजकीय सम्मान से लेकर 2011 की वह शाम आज भी है संगीत प्रेमियों के जेहन में ताजा

आशा भोंसले का भोपाल से एक आत्मीय जुड़ाव रहा। मध्य प्रदेश शासन ने वर्ष 1989 में उनकी अद्वितीय गायकी और बहुमुखी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें प्रतिष्ठित रा...और पढ़ें

By Sushil PandeyEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Sun, 12 Apr 2026 07:08:35 PM (IST)Updated Date: Sun, 12 Apr 2026 07:08:35 PM (IST)
आशा भोसले का भोपाल कनेक्शन... 1989 के राजकीय सम्मान से लेकर 2011 की वह शाम आज भी है संगीत प्रेमियों के जेहन में ताजा
भोपाल के कला जगत में शोक की लहर।

HighLights

  1. आशा भोसले का भोपाल कनेक्शन
  2. 1989 में मिला था राजकीय सम्मान
  3. भोपाल के कला जगत में शोक की लहर

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। भारतीय संगीत जगत की अनुपम स्वर साधिका और ''सुर साम्राज्ञी'' आशा भोसले के निधन से भोपाल के संगीत प्रेमियों में शोक की लहर है। 12 अप्रैल को संगीत की इस महान विभूति ने मुंबई में अंतिम सांस ली, जिससे सिनेमा और संगीत की स्वर्णिम परंपरा का एक अध्याय समाप्त हो गया है। उनके निधन को भारतीय संगीत के लिए एक अपूरणीय क्षति बताते हुए शहर के कला जगत, राजनेताओं और संगीत प्रेमियों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।

आशा भोंसले का भोपाल से एक आत्मीय जुड़ाव रहा। मध्य प्रदेश शासन ने वर्ष 1989 में उनकी अद्वितीय गायकी और बहुमुखी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें प्रतिष्ठित "राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान" से अलंकृत किया था। यह सम्मान उनकी उस कलात्मक विरासत का अभिनंदन था, जिसने दशकों तक सुरों को जीवंत रखा।


31 दिसंबर 2011 की शाम आज भी ताजा

भोपाल के संगीत प्रेमियों के जेहन में 31 दिसंबर 2011 की शाम आज भी ताजा है, जब मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस समारोह के अवसर पर लाल परेड मैदान में आशाजी ने लाइव प्रस्तुति दी थी। उस ऐतिहासिक कंसर्ट के साक्षी रहे गुंजन फाउंडेशन के संस्थापक और म्यूजिक मेंटर कैलाश यादव ने उन्हें याद करते हुए कहा कि मैंने पहली पंक्ति में बैठकर उन्हें सुना था। उनकी आवाज किसी झरने की तरह चंचल और मधुर थी। वे संगीत जगत की ''युग महिला'' थीं।" उनके द्वारा गाए हर जोनर के गीत सदैव संगीत प्रेमियों को प्रेरित करते रहेंगे। हम जल्द ही उनकी याद में एक विशेष ''संगीत संध्या'' आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

कला जगत ने दी श्रद्धांजलि

युवा गायिका आकृति मेहरा ने उन्हें अपनी प्रेरणा बताते हुए कहा कि जीवन के अंतिम पड़ाव तक स्टेज पर परफॉर्म करना हम जैसे युवा कलाकारों के लिए एक महान सीख है। उन्होंने अपने गीतों में भावों और अभिव्यक्ति को जिस बखूबी से ढाला, वह अद्वितीय है। वहीं इफ्तेखार अकादमी के संचालक हमीदउल्ला मामू ने निधन पर स्तब्धता व्यक्त करते हुए कहा कि जितना ऊंचा उनका नाम था, उससे भी कहीं ऊंची उनकी गायकी थी।

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उप मुख्यमंत्री ने व्यक्त किया शोक

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। आशाजी की अद्वितीय गायकी और भावपूर्ण स्वर ने भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाई। उनका जाना केवल एक कलाकार का जाना नहीं, बल्कि एक युग का अंत है। वहीं मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग ने भी अपनी ''आदरांजलि'' अर्पित करते हुए कहा कि आशा भोसले केवल एक पार्श्व गायिका नहीं, बल्कि भावों की अनंत अभिव्यक्ति थीं, जिन्होंने समय और शैली की सीमाओं को पार कर हर पीढ़ी के हृदय में स्थान बनाया।