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'MP में फरार अपराधियों पर शिकंजा': PHQ का कड़ा फरमान; कुर्क होंगे बैंक बैलेंस, गाड़ी और मकान

गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद भी फरार रहने और तय तिथि तक न्यायालय में उपस्थित नहीं होने पर उनकी चल-अचल संपत्ति कुर्क की जाएगी।

By Digital DeskEdited By: bhupendra Singh Rajput
Publish Date: Mon, 05 Oct 2026 06:41:45 PM (IST)Updated Date: Mon, 05 Oct 2026 06:41:45 PM (IST)
'MP में फरार अपराधियों पर शिकंजा': PHQ का कड़ा फरमान; कुर्क होंगे बैंक बैलेंस, गाड़ी और मकान
पुलिस मुख्यालय भोपाल। फाइल फोटो।

HighLights

  1. फरार आरोपियों की संपत्ति होगी कुर्क
  2. कई विभागों से जुटेगा संपत्ति का ब्योरा
  3. सभी जिलों के एसपी को PHQ ने जारी किए निर्देश

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया,भोपाल । प्रदेश में फरार आरोपितों की चल-अचल संपत्तियां कुर्क की जाएंगी। ऐसा व्यक्ति जिसका न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ हो और वह फरार है, यदि समन में निर्धारित तिथि तक वह न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं होता है, तो न्यायालय से दिए गए संपत्ति कुर्क करने के आदेश का पुलिस कड़ाई से पालन कराएगी।

इस बारे में पुलिस मुख्यालय से सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किए गए है।

जानकारी जुटाने के निर्देश

निर्देश में कहा गया है कि इसके लिए आरोपित की चल अचल संपत्ति के संबंध में जानकारी जुटाई जाए। जिसके बाद जिलेवार फरार आरोपितों की चल-अचल संपत्ति का चिट्ठा तैयार कराया जा रहा है। पुलिस इसका ब्योरा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर सकेगी।


पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों का मानना है कि संपत्ति कुर्क होने की कार्रवाई से आरोपित न्यायालय के सामने जल्दी प्रस्तुत हो सकते हैं।

बीएनएसएस की धाराओं के तहत एक्शन

केंद्र की एजेंसियों के साथ राज्य के विभागों का लिया जाएगा सहयोग गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद भी पुलिस की पकड़ से बाहर रहने वाले ऐसे आरोपितों की संपत्ति की कुर्की के लिए पुलिस मुख्यालय बीएनएसएस की संबंधित धाराओं के तहत केंद्र की एजेंसियों के साथ ही राज्य शासन के विभिन्न विभागों का सहयोग लेगा।

उनकी चल-अचल संपत्ति की पहचान के लिए राजस्व विभाग, नगरीय निकाय, बैंक, आयकर विभाग और परिवहन विभाग से विवरण लिया जाएगा।

मकान और अचल संपत्ति की जांच

राजस्व विभाग से जुटाई जाएगी अचल संपत्ति की जानकारी आरोपित के नाम दर्ज जमीन और मकान सहित अन्य अचल संपत्ति का पता लगाने के लिए राजस्व विभाग से जानकारी जुटाई जाएगी।

इनमें आरोपित का निवास कहां है और उसकी संपत्ति किस स्थान पर है, इसकी जानकारी के लिए ग्राम पंचायत सचिव, नगरीय निकाय और उप पंजीयक कार्यालय से भी रिकॉर्ड लिया जाएगा।

बैंक खातों पर भी नजर

बैंक, आयकर विभाग से जुटाएंगे चल संपत्तियों का ब्योरा आरोपित के बैंक खातों का विवरण प्राप्त करके वहां जमा धनराशियों, आयकर विभाग से उसकी आईटीआर के संबंध में जानकारी प्राप्त की जाएगी।

पैन कार्ड नंबर व अन्य व्यक्तिगत जानकारियों का उपयोग करके उस व्यक्ति के नाम पर शेयर, ऋण पत्र, बांड तथा इस प्रकार की चल संपत्तियों का पता लगाया जाएगा।

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वाहन भी होंगे कुर्क

परिवहन विभाग बताएगा आरोपित के पास कितने वाहन आरोपित के पास कितने वाहन हैं, इसकी जानकारी परिवहन विभाग से जुटाई जाएगी। परिवहन अधिकारी से आरोपित के नाम पर क्रय वाहन की सूचना मिलते ही वाहन भी कुर्क किया जाएगा।