
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में आयुर्वेद को बढ़ावा दिया जा रहा है। आयोग ने आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों के पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया को गति देने का निर्णय लिया है। आयोग की इस पहल से प्रदेश के हजारों आयुर्वेद स्नातक (बीएएमएस) युवाओं के लिए सरकारी सेवा में आने और अपना करियर बनाने का रास्ता साफ हो गया है।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रखने के लिए कड़े इंतजाम किए जाएंगे। भर्ती में केवल आयुर्वेद स्नातक (बीएएमएस) उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को ही अवसर दिया जाएगा। उम्मीदवारों की योग्यता परखने के लिए निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थित ढंग से परीक्षा का आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए आयोग ने स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए हैं। इस कदम का उद्देश्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और औषधालयों में योग्य चिकित्सकों की नियुक्ति सुनिश्चित करना है।
लंबे इंतजार के बाद जगी उम्मीद नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) छात्र संघ के अध्यक्ष डा. हरेंद्र सिंह भदौरिया ने आयोग के इस कदम का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती का निर्णय अत्यंत सराहनीय है। यह आयुर्वेद चिकित्सकों के लंबे समय से चले आ रहे इंतजार को समाप्त करने वाला कदम है। यह निर्णय आयुष चिकित्सा प्रणाली को सशक्त करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
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