
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। कोरोना काल में दो साल तक सेवाएं देने के बाद नौकरी से हटाए गए आयुष चिकित्सकों और पैरामेडिकल कर्मचारियों का आंदोलन जारी है। पुनर्बहाली की मांग को लेकर भोपाल के नीलम पार्क में 11 दिन से धरने पर बैठे स्वास्थ्यकर्मियों ने गुरुवार को अर्धनग्न प्रदर्शन किया। पुरुष कर्मचारी अर्धनग्न होकर धरने पर बैठे, वहीं महिला स्वास्थ्यकर्मी पीपीई किट पहनकर विरोध में शामिल हुईं। उन्होंने सरकार को कोरोना काल में किए गए काम की याद दिलाई।
मध्य प्रदेश कोविड-19 आयुष चिकित्सक संघ के प्रदेश संयोजक डा. अंकित असाटी ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने कठिन परिस्थितियों में काम किया। 45 डिग्री तापमान में पीपीई किट पहनकर लगातार 10 से 12 घंटे तक ड्यूटी की। उस समय सरकार ने कोरोना योद्धाओं को भगवान का दर्जा दिया था, लेकिन महामारी खत्म होने के बाद बजट की कमी का हवाला देकर नौकरी से बाहर कर दिया। आज वही कर्मचारी बहाली के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
प्रदर्शनकारी डॉ. देवेंद्र सूर्यवंशी ने बताया कि महिला कर्मचारियों ने पीपीई किट पहनकर सरकार को महामारी के दौर की याद दिलाई। इन कर्मचारियों ने संकट के समय जान की परवाह किए बिना जनता की सेवा की थी, फिर भी उन्हें रोजगार से वंचित होना पड़ा। इससे पहले ये कर्मचारी नीलम पार्क में अपनी डिग्रियां भी सांकेतिक रूप से जला चुके हैं।
संघ के अनुसार कोरोना के दौरान अस्पतालों में स्टाफ की कमी दूर करने के लिए एनएचएम के तहत 23 मार्च 2020 को अस्थायी नियुक्ति के आदेश जारी हुए थे। जिला स्वास्थ्य समितियों ने मेरिट के आधार पर नियुक्तियां की थीं। अब मांग है कि स्वास्थ्य विभाग में खाली पड़े पदों पर इन्हीं अनुभवी कर्मचारियों को संविदा पर रखा जाए, जिससे ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं सुधरेंगी।
यह भी पढ़ें- ऐशबाग डबल मर्डर केस: पत्नी और साली की हत्या में पूर्व ASI को दोहरी उम्रकैद, 68 बार चाकू से किया था वार