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एमपी के 400 निजी अस्पतालों की हड़ताल खत्म! सरकार ने मानीं तीनों मांगें, आयुष्मान भारत योजना के रुकेंगे नहीं क्लेम

आयुष्मान भारत योजना में करोड़ों के भुगतान को लेकर चल रहा निजी अस्पतालों का आंदोलन आखिरकार रंग लाया।

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Thu, 08 Oct 2026 09:47:15 PM (IST)Updated Date: Thu, 08 Oct 2026 09:47:15 PM (IST)
एमपी के 400 निजी अस्पतालों की हड़ताल खत्म! सरकार ने मानीं तीनों मांगें, आयुष्मान भारत योजना के रुकेंगे नहीं क्लेम
एमपी के 400 निजी अस्पतालों की हड़ताल खत्म

HighLights

  1. निजी अस्पतालों की तीन प्रमुख मांगों पर सरकार की सहमति
  2. क्लेम ऑडिट के लिए 50 डॉक्टरों की विशेष टीम गठित होगी
  3. ऑनलाइन प्रूफ जमा करने पर NABH डी-एम्पैनलमेंट से मिलेगी ढील

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। आयुष्मान भारत योजना में करोड़ों के भुगतान को लेकर चल रहा निजी अस्पतालों का आंदोलन आखिरकार रंग लाया। शासन ने अस्पताल संचालकों की तीनों बड़ी मांगों पर हामी भर दी है। पिछले एक माह से यूनाइटेड प्राइवेट हास्पिटल्स डायरेक्टर्स एसोसिएशन (यूपीएचडीए) के बैनर तले प्रदेश के 400 से अधिक निजी अस्पताल हड़ताल पर थे। बुधवार देर रात स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में सहमति बनी।

पोर्टल-2 क्लेम के लिए 50 एमबीबीएस डॉक्टरों की टीम गठित

एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डा. विशाल सिंह बघेल ने बताया कि सबसे बड़ा पेंच पोर्टल-1 का था। वर्षों से लंबित इस पोर्टल के भुगतान के लिए नेशनल हेल्थ अथारिटी (एनएचए) से आधिकारिक पत्राचार शुरू कर दिया गया है। जैसे ही एनएचए से हरी झंडी मिलेगी, भुगतान रिलीज होगा। दूसरा मुद्दा पोर्टल-2 का था। इसमें एक लाख से ज्यादा क्लेम आडिट में अटके थे। विभाग ने इसके लिए 50 एमबीबीएस डाक्टरों की विशेष टीम बनाई है। भोपाल में ही इन डाक्टरों को बैठाकर आडिट कराया जाएगा। दो महीने में पूरे क्लेम निपटाने का लिखित आश्वासन दिया गया है।


एनएबीएच प्रमाण पत्र विवाद पर राहत और डी-एम्पैनल अस्पतालों को मिली ढील

तीसरा और सबसे संवेदनशील मामला नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फार हास्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) का था। एक अक्टूबर से करीब 20 अस्पतालों को सिर्फ इसलिए डी-एम्पैनल कर दिया गया था कि उनका सर्टिफिकेट प्रिंट होकर नहीं आया था, जबकि निरीक्षण पूरा हो चुका था। अब ऐसे अस्पताल निरीक्षण का आनलाइन प्रूफ विभाग में जमा करेंगे तो उन्हें सस्पेंडेड कैटेगरी में शिफ्ट किया जाएगा। सर्टिफिकेट आते ही पेमेंट होल्ड और सस्पेंशन दोनों हट जाएंगे। उपाध्यक्ष डा. धनंजय मिश्रा ने कहा कि एनएबीएच की अनिवार्यता जैसे बाकी मुद्दों पर भी सरकार से बातचीत जारी रहेगी।

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