• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

MP में दिव्यांगों और बुजुर्गों का सफर होगा आसान! लो-फ्लोर बसें, रैंप और पैनिक बटन से लैस होगी परिवहन सेवा

प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा दिव्यांगजन और बुजुर्ग हितैषी बनाई जाएगी। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Thu, 08 Oct 2026 09:13:41 PM (IST)Updated Date: Thu, 08 Oct 2026 09:13:41 PM (IST)
MP में दिव्यांगों और बुजुर्गों का सफर होगा आसान! लो-फ्लोर बसें, रैंप और पैनिक बटन से लैस होगी परिवहन सेवा
MP में दिव्यांगों और बुजुर्गों का सफर होगा आसान

HighLights

  1. दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए सुगम बनेगी परिवहन सेवा
  2. नई बसों में लो-फ्लोर तकनीक, रैंप व व्हीलचेयर लॉक स्पेस होगा
  3. ड्राइवरों-कंडक्टरों को संवेदनशीलता का विशेष प्रशिक्षण मिलेगा

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा दिव्यांगजन और बुजुर्ग हितैषी बनाई जाएगी। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की बैठक के बाद इस दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य समाज के इन वर्गों को सुरक्षित, सम्मानजनक और बाधा मुक्त यात्रा की सुविधा देना है।

इसके तहत बसों के बुनियादी ढांचे से लेकर यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं में व्यापक बदलाव किए जाएंगे। इतना ही नहीं बस निर्माण में मानकों का पालन करवाने के लिए बस बॉडी कोड पिछले साल से लागू किया है। इसके तहत विश्व स्तरीय मानकों की बसें बनाई जाएंगी।


लो-फ्लोर तकनीक, रैंप और व्हीलचेयर लॉक से लैस होंगी सभी सिटी बसें

सभी सिटी बसों को दिव्यांगजन और बुजुर्गों की सुविधा को देखते हुए डिजाइन किया जाएगा। नई बसों में 'लो-फ्लोर' तकनीक का उपयोग किया जाएगा। व्हीलचेयर का उपयोग करने वाले दिव्यांगों के लिए बसों में हाइड्रोलिक या मैनुअल रैंप लगाए जाएंगे। जिससे बस की ऊंचाई कम की जा सकेगी।

बुजुर्गों का बसों में चढ़ना आसान होगा। बसों में व्हीकल चेयर, रैंप, हैंडल की व्यवस्था होगी। बसों के भीतर दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए सीटें आरक्षित की जाएंगी। व्हीलचेयर को सुरक्षित लाक करने के लिए विशेष स्थान (डेसिग्नेटेड स्पेस) और सुरक्षा बेल्ट की व्यवस्था होगी।

डिजिटल डिस्प्ले, वाइस अनाउंसमेंट, पैनिक बटन और स्टाफ को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

दृष्टिबाधित और श्रवणबाधित यात्रियों की सुविधा के लिए बसों में डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और वाइस अनाउंसमेंट सिस्टम लगाए जाएंगे, जो आने वाले स्टापेज की जानकारी देंगे। किसी भी आपात स्थिति या सहायता की आवश्यकता होने पर यात्री के पास ही पैनिक बटन की सुविधा होगी, जिससे तुरंत ड्राइवर या कंडक्टर को अलर्ट मिलेगा।

बस ड्राइवरों और कंडक्टरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे दिव्यांगों और बुजुर्गों के साथ संवेदनशीलता और सम्मान से पेश आएं। केवल बसें ही नहीं, बल्कि राज्य के प्रमुख बस टर्मिनलों और बस स्टाप को भी रैंप, सुलभ शौचालय और ब्रेल साइनेज से लैस किया जाएगा।

यह भी पढ़ें- एमपी के 14,375 लोगों को मिलेगा रोजगार! मुंबई में मिले 90 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव