ड्रोन सर्वे में सामने आई बड़े तालाब किनारे अतिक्रमण की चौंकाने वाली रिपोर्ट, आज NGT में होगी सुनवाई
भोपाल के बड़े तालाब और कलियासोत डैम किनारे अतिक्रमण की ड्रोन सर्वे रिपोर्ट एनजीटी में पेश होगी। पांच दिन की जांच में फार्म हाउस, रेस्टोरेंट और अवैध नि...और पढ़ें
Publish Date: Tue, 15 Sep 2026 09:55:33 AM (IST)Updated Date: Tue, 15 Sep 2026 09:55:33 AM (IST)
तालाब किनारे अतिक्रमण की चौंकाने वाली रिपोर्ट। (फाइल फोटो)HighLights
- बड़े तालाब और कलियासोत डैम का ड्रोन सर्वे पूरा हुआ।
- पांच दिनों तक टीम ने संवेदनशील इलाकों की जांच की।
- फार्म हाउस, रेस्टोरेंट और अवैध निर्माण सर्वे में मिले।
डिजिटल डेस्क। झीलों की नगरी भोपाल की धड़कन माने जाने वाले बड़े तालाब और कलियासोत डैम के किनारों पर किसने कितनी मनमानी की है, इसकी असल तस्वीर मंगलवार को साफ हो जाएगी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के सामने आज इस मामले की विस्तृत सर्वे रिपोर्ट पेश होने जा रही है।
ट्रिब्यूनल की सख्ती के बाद एक विशेष टीम ने लगातार पांच दिनों तक ड्रोन के जरिए इन इलाकों का चप्पा-चप्पा छाना है। इस जमीनी पड़ताल (ग्राउंड ट्रुथिंग) में जो खुलासे हुए हैं, वे रसूखदारों की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। तालाब और डैम के दायरे में बैरसिया विधायक विष्णु खत्री के फार्म हाउस से लेकर कई नामी रेस्टोरेंट और अवैध निर्माण पसरे हुए मिले हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि आज की सुनवाई में एनजीटी इन कब्जों को लेकर कोई बड़ा और कड़ा आदेश जारी कर सकता है।
भदभदा डैम के गेट खोलने पर मची थी रार
इस पूरे सर्वे की पृष्ठभूमि 4 सितंबर की उस घटना से जुड़ी है, जब भदभदा डैम के गेट अचानक खोल दिए गए थे। दरअसल, एनजीटी ने बड़ा तालाब के फुल टैंक लेवल (FTL) पर अतिक्रमण की सटीक स्थिति जांचने के लिए जलस्तर को 1666.80 फीट पर मेंटेन रखने का सख्त निर्देश दिया था। लेकिन, जब तालाब का पानी इस निशान से महज 0.10 फीट नीचे था, तभी डैम के गेट खोल दिए गए, जिस पर काफी विवाद खड़ा हुआ।
पांच दिन चला सघन अभियान, इन इलाकों की हुई नपाई
- विवाद के ठीक अगले दिन यानी 5 सितंबर से ही एनजीटी द्वारा गठित टीम एक्शन में आ गई। टीम ने 9 सितंबर तक लगातार भदभदा डैम और सैर-सपाटा सहित कई अहम लोकेशंस पर जाकर बारीकी से मुआयना किया।
- जांच टीम ने खानूगांव में बन रही क्रूज साइट, आर्मी स्पोर्ट्स एरिया, कोहेफिजा, हलालपुरा स्थित फिजा फार्म, लैंडमार्क मैरिज गार्डन के पिछले हिस्से, चिरायु अस्पताल के आसपास के क्षेत्र, भौंरी, खजूरी सड़क, कोलूखेड़ी और बैरागढ़ जैसे संवेदनशील इलाकों में जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
केरवा डैम की जांच पर फिलहाल ठहराव
- इस अभियान के तहत सर्वे टीम को केरवा डैम के आसपास के अतिक्रमण की भी पड़ताल करनी थी, लेकिन वहां अभी एक तकनीकी पेंच फंस गया है। वर्तमान में केरवा डैम का जलस्तर अपने फुल टैंक लेवल (FTL) तक नहीं पहुंचा है। पानी कम होने की वजह से वहां ग्राउंड ट्रुथिंग का काम मुमकिन नहीं हो पाया।
- अधिकारियों और टीम के सदस्यों ने आपसी सहमति से यह तय किया है कि आधी-अधूरी स्थिति में सर्वे कर जल्दबाजी करने से बेहतर है कि इंतजार किया जाए। केरवा डैम क्षेत्र में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इसकी दिशा भी मंगलवार को एनजीटी की सुनवाई के बाद ही तय होगी।
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