'भावांतर योजना मंजूर नहीं, समर्थन मूल्य पर हो सोयाबीन की पूरी खरीदी': भारतीय किसान संघ ने MP सरकार के सामने रखी 7 बड़ी मांगें
भारतीय किसान संघ ने सोयाबीन सहित अन्य फसलों की घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पूरी खरीदी करने की मांग की है, ताकि किसानों को उपज का पूरा दाम मिल सके।
Publish Date: Wed, 14 Oct 2026 11:43:29 AM (IST)Updated Date: Wed, 14 Oct 2026 11:43:29 AM (IST)
प्रतीकात्मकHighLights
- सोयाबीन की भावांतर के बजाय एमएसपी पर खरीदी की मांग
- किसानों को जल्द मुआवजा व फसल बीमा देने की मांग की
- कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। भारतीय किसान संघ की मध्य प्रदेश इकाई ने सोयाबीन सहित अन्य उपज पर भावांतर देने के स्थान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी करने की मांग सरकार से की है। साथ कम बारिश वाले जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने, कृषि कार्यों के लिए 12 घंटे निर्बाध बिजली देने, अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को जल्द पूरा करने, नहरों और तालाबों का जीर्णोद्धार कराने की मांग की।
संगठन ने स्पष्ट किया कि किसानों को भावांतर योजना के बजाय घोषित समर्थन मूल्य पर उपज का पूरा दाम मिलना चाहिए।
नुकसान का प्रत्यक्ष सर्वे किया जाए
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना ने भोपाल में पत्रकारवार्ता में कहा कि खरीफ सीजन में अतिवृष्टि और अल्पवृष्टि से हुए फसल नुकसान का आकलन सेटेलाइट के बजाय खेतों में प्रत्यक्ष सर्वे के माध्यम से कराया जाए। प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा और बीमित किसानों को फसल बीमा का लाभ मिले।
तकनीकी खामियों या पोर्टल की समस्याओं के कारण पंजीयन से वंचित किसानों के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए।
अघोषित बिजली कटौती बंद हो
संघ ने ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती बंद करने और कृषि कार्यों के लिए लगातार 12 घंटे बिजली देने की मांग की। साथ ही कहा कि जले हुए ट्रांसफार्मर तत्काल बदले जाएं।
प्रत्येक वितरण केंद्र पर 10 अतिरिक्त ट्रांसफार्मर उपलब्ध रखने के लिए ट्रांसफार्मर बैंक बनाया जाए ताकि समस्या आने पर तत्काल समाधान हो जाए।
खाद की किल्लत और कालाबाजारी पर सख्ती हो
डीएपी सहित अन्य उर्वरकों की किल्लत दूर करने और ई-टोकन प्रणाली की तकनीकी खामियों का निराकरण किया जाए। खाद वितरण का 50 प्रतिशत हिस्सा सहकारी समितियों और 50 प्रतिशत निजी व्यापारियों के माध्यम से उपलब्ध कराने का सुझाव दिया।
साथ ही खाद की कालाबाजारी और अवैध जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।