AIIMS Bhopal: अब मरीजों को मिलेगा और भी अच्छा इलाज; स्वास्थ्य सुविधाओं में भोपाल एम्स को मिला NABH एक्रेडिटेशन
एम्स भोपाल को राष्ट्रीय अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाता प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच) की पूर्ण मान्यता मिली है। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के...और पढ़ें
Publish Date: Mon, 12 Oct 2026 02:36:05 PM (IST)Updated Date: Mon, 12 Oct 2026 02:36:05 PM (IST)
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल। फाइल फोटोHighLights
- यह उपलब्धि हासिल करने वाला भोपाल पहला संस्थान बना
- देश के छह पुराने एम्स में पहला संस्था स्थान किया हासिल
- 600 से अधिक मानकों पर हुआ गुणवत्ता मूल्यांकन
नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल को राष्ट्रीय अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाता प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच) की पूर्ण मान्यता मिली है। प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के पहले चरण में स्थापित देश के 6 एम्स में यह उपलब्धि हासिल करने वाला यह पहला संस्थान है।
यह मान्यता संस्थान की सभी विशेषज्ञताओं, सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं और 1,457 बिस्तरों को कवर करती है। इसकी वैधता 23 सितंबर 2030 तक रहेगी।
राष्ट्रीय स्तर के मानकों पर चयन
अधिकारियों का कहना है कि इस मान्यता का अर्थ है कि अस्पताल की उपचार प्रक्रियाओं, संक्रमण नियंत्रण, दवा प्रबंधन और मरीज सुरक्षा व्यवस्थाओं को निर्धारित राष्ट्रीय मानकों पर परखा गया है। इससे मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मान्यता की प्रक्रिया जुलाई 2025 में पंजीकरण के साथ शुरू हुई थी। इसके बाद पांच वरिष्ठ मूल्यांकनकर्ताओं की टीम ने संस्थान का भौतिक निरीक्षण किया। टीम ने बुनियादी ढांचे, चिकित्सकीय प्रोटोकॉल, प्रशासनिक व्यवस्थाओं, गुणवत्ता प्रबंधन और मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल की।
एनएबीएच बोर्ड ने बढ़ाई मान्यता
विभिन्न विभागों में चिकित्सकों, नर्सिंग, पैरामेडिकल और प्रशासनिक कर्मचारियों से चर्चा कर निर्धारित मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया। उनकी रिपोर्ट के आधार पर एनएबीएच बोर्ड ने यह मान्यता जारी की है।
इसे सभी कर्मचारियों के समर्पण और टीम भावना का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि प्रत्यायन प्रक्रिया से विभागों की कार्यप्रणाली को मजबूत और मानकीकृत करने में मदद मिली है। एनएबीएच, क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के अधीन राष्ट्रीय संस्था है, जो अस्पतालों की गुणवत्ता और मरीज सुरक्षा से जुड़े 600 से अधिक मानकों के आधार पर मूल्यांकन करती है।- लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. नरेंद्र कोतवाल, कार्यपालक निदेशक, एम्स भोपाल