
प्रशांत व्यास, नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। साइबर ठगों ने लोगों को ठगने का नया और बेहद खतरनाक तरीका अपना लिया है। अब न तो वे सीधे फोन कर ओटीपी मांग रहे हैं और न ही बैंक अधिकारी बनकर काल कर रहे हैं। इसके बजाय पहले इंटरनेट मीडिया पर दोस्ती की जाती है, फिर प्यार और भरोसे का रिश्ता बनाया जाता है। जब सामने वाला पूरी तरह विश्वास करने लगता है तो उसे रातों-रात अमीर बनने का सपना दिखाकर फर्जी ट्रेडिंग ऐप में निवेश कराया जाता है।
कुछ दिनों तक ऐप में मुनाफा भी दिखाया जाता है, लेकिन जैसे ही पीड़ित रकम निकालने की कोशिश करता है, उससे टैक्स, प्रोसेसिंग फीस या अन्य शुल्क के नाम पर और रुपये मांगे जाते हैं।
आखिर में ठग प्रोफाइल और मोबाइल नंबर बंद कर फरार हो जाते हैं। भोपाल में पिछले महीनों में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। इनमें कारोबारी, छात्र और नौकरीपेशा लोग तक साइबर ठगों के जाल में फंस चुके हैं। कई मामलों में डेटिंग क्लब और ऑनलाइन रिलेशनशिप का सहारा लेकर भी ठगी की गई है।
करोंद निवासी ट्रांसपोर्ट कारोबारी राहुल शर्मा की फेसबुक पर एक युवती से दोस्ती हुई। करीब एक महीने तक दोनों के बीच नियमित बातचीत होती रही। युवती ने खुद को बेहद संपन्न बताते हुए राहुल को भी कम समय में बड़ा मुनाफा कमाने का भरोसा दिलाया।
उसके कहने पर राहुल ने एक ट्रेडिंग ऐप में निवेश किया और धीरे-धीरे 16 लाख रुपये जमा कर दिए। जब उन्होंने अपनी रकम निकालनी चाही तो अलग-अलग शुल्क के नाम पर और राशि मांगी गई। शक होने पर उन्होंने जांच की तो पूरा प्लेटफार्म फर्जी निकला। इसके बाद युवती का फोन और इंटरनेट मीडिया प्रोफाइल दोनों बंद हो गए। राहुल ने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
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बागसेवनिया निवासी इंजीनियरिंग छात्र विनय सक्सेना भी इसी तरह की ठगी का शिकार हुए। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले विनय की इंस्टाग्राम पर एक युवती से पहचान हुई थी। कई महीनों तक बातचीत और दोस्ती के बाद युवती ने उन्हें ऑनलाइन निवेश का सुझाव दिया। भरोसा होने पर विनय ने फर्जी निवेश ऐप में रकम लगाई, लेकिन बाद में करीब तीन लाख रुपये की ठगी का पता चला। मामले की शिकायत पुलिस से की गई है।