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भोपाल-लखनऊ वंदे भारत का इंतजार बढ़ा... 700 मीटर की पिट लाइन 3 साल में भी अधूरी, वाराणसी भेजे गए नए रैक

जरा सोचिये जहां चार साल में पीपीपी मॉडल पर बना रानी कमलापति रेलवे स्टेशन देश का आधुनिक स्टेशन बन गया, वहां 700 मीटर की एक पिट लाइन तीन साल में भी पूरी...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: ADITYA KUMAR
Publish Date: Tue, 06 Jan 2026 09:04:44 AM (IST)Updated Date: Tue, 06 Jan 2026 09:04:44 AM (IST)
भोपाल-लखनऊ वंदे भारत का इंतजार बढ़ा... 700 मीटर की पिट लाइन 3 साल में भी अधूरी, वाराणसी भेजे गए नए रैक
भोपाल-लखनऊ वंदे भारत

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। जरा सोचिये जहां चार साल में पीपीपी मॉडल पर बना रानी कमलापति रेलवे स्टेशन देश का आधुनिक स्टेशन बन गया, वहां 700 मीटर की एक पिट लाइन तीन साल में भी पूरी नहीं हो सकी। नतीजा यह है कि भोपाल के यात्रियों को लखनऊ के लिए वंदे भारत जैसी तेज और आधुनिक ट्रेन अब तक नसीब नहीं हो पाई। वहीं दिल्ली रूट के लिए आई 20 कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस के नए रैक 15 दिन इंतजार के बाद वाराणसी भेज दिए गए।

लागत हुई दोगुनी, निर्माण अब भी अधूरा

दरअसल, मई 2023 में शुरू हुआ पिट लाइन का निर्माण अभी तक अधूरा है। लेटलतीफी की वजह से लागत दोगुनी हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि रानी कमलापति कोचिंग डिपो में नई पिट लाइन का 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में ट्रैक की लेवलिंग, पिट लाइटिंग, ट्रैक प्रोसेसिंग, फिनिशिंग वर्क और ड्रेनेज कवरिंग के काम कराये जा रहे हैं। मार्च तक इन्हें पूरा करा लिया जाएगा। इस निर्माण पर 14.34 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। इस परियोजना के तहत सिविल निर्माण कार्य एम/एस वीवीसी रियल इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड गुना द्वारा किया जा रहा है, जबकि इलेक्ट्रिकल निर्माण कार्य एम/एस सैनफील्ड इंडिया लिमिटेड भोपाल को सौंपा गया है।


दो वंदे भारत प्रतीक्षा में

भोपाल से लखनऊ और पटना के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत नवंबर 2024 में प्रस्तावित की गई थी, भोपाल-पटना वंदे भारत का ट्रायल नवंबर के दूसरे सप्ताह में किया जाना था, लेकिन पिटलाइन में देरी की वजह से यह टलता रहा। 2026 की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन अब तक भोपालवासियों को किसी भी दिशा में वंदे भारत एक्सप्रेस की सौगात नहीं मिल सकी, जिससे यात्रियों में निराशा बढ़ती जा रही है। आरकेएमपी और हजरत निजामुद्दीन के बीच संचालित भोपाल एक्सप्रेस को भी इसी स्थिति का सामना करना पड़ा।

क्यों जरूरी है पिट लाइन

पिट लाइन से ही ट्रेन के नीचे से ब्रेक सिस्टम, अंडरफ्रेम, इलेक्ट्रिकल और सेफ्टी उपकरणों की नियमित जांच की जाती है। वंदे भारत पूरी तरह हाइटेक इलेक्ट्रिक ट्रेन है, जिसके लिए दैनिक मेंटेनेंस और सुरक्षा प्रमाणन जरूरी है। पिट लाइन के बिना इसका सुरक्षित संचालन संभव नहीं है।

सलाहकार समिति का पक्ष

भोपाल-लखनऊ वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू होने से पुष्पक एक्सप्रेस, कुशीनगर एक्सप्रेस और भोपाल-प्रतापगढ़ एक्सप्रेस पर यात्रियों का दबाव कम होगा। साथ ही लखनऊ के लिए तेज और सीधी रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध हो सकेगी। पिट लाइन सुविधा पूरी न होने से इस महत्वपूर्ण सेवा की शुरुआत में देरी हो रही है, जिससे यात्रियों को अपेक्षित सुविधा का इंतजार करना पड़ रहा है। - मुकेश अवस्थी, सदस्य, सलाहकार समिति, पमरे

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