• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • मध्य प्रदेश
  • भोपाल

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 29, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bhopal Municipal Budget : नामांतरण नहीं कराया तो नगर निगम वसूल करेगा 10 से 15 प्रतिशत का अधिभार

Bhopal Municipal Budget 2020 : प्रॉपर्टी का नामांतरण न कराने वालों पर अधिभार के जरिए नगर निगम अपनी आय बढ़ाएगा।

By Prashant PandeyEdited By: Prashant Pandey
Publish Date: Mon, 29 Jun 2020 09:42:59 AM (IST)Updated Date: Mon, 29 Jun 2020 01:08:46 PM (IST)
Bhopal Municipal Budget : नामांतरण नहीं कराया तो नगर निगम वसूल करेगा 10 से 15 प्रतिशत का अधिभार

Bhopal Municipal Budget 2020 : भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। नगर निगम का इस बार का बजट 2495 करोड़ रुपये का होगा। संभागायुक्त व नगर निगम प्रशासक कविंद्र कियावत ने शहर सरकार के वित्तीय वर्श 2020-21 का बजट अनुमोदित कर दिया है। बीते वित्तीय वर्ष का बजट 2976 करोड़ 76 लाख 96 हजार का था। वहीं पूंजीगत आय 919 करोड़ रुपए दिखाई गई है जबकि खर्च 1083 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। बीते वित्तीय वर्ष पर लोगों पर टैक्स का भार नहीं डाला गया है, लेकिन नामांतरण को लेकर नया प्रावधान किया गया है।

इस बार के बजट में संपत्ति के नामांतर को लेकर नया प्रावधान किया गया है। दरअसल, प्रॉपर्टी का नामांतरण न कराने वालों पर अधिभार के जरिए नगर निगम अपनी आय बढ़ाएगा। यह अधिभार भी 10 से 15 फीसदी लगाया जाएगा। शहर में अधिकांश लोग नामांतरण नहीं करते। बीते साल 66 हजार रजिस्ट्रियां हुई थी। इसमें से करीब 20 प्रतिशत लोगों ने अपना नामांतरण नहीं कराया था। नए प्रावधान के मुताबिक संपत्ति खरीदने के तीन महीने के अंदर नामांतरण कराने पर कोई अधिभार नहीं लगेगा, लेकिन अगले तीन से छह माह में दस फीसदी अधिभार लगाया जाएगा। फिर अलगे छह माह में 15 प्रतिशत अधिभार का प्रावधान किया गया है। वार्ड प्रभारियों व जोनल अधिकारियों को नामांतरण जमा करने का दायित्व सौंपा गया है।


टैक्स से 40 करोड़ अतिरिक्त आय पर वृद्धि का अनुमान

बीते वित्तीय वर्ष में नगर निगम को 260 करोड़ रुपये का टैक्स के तौर पर राजस्व की प्राप्ति हुई थी। इस बार 300 करोड़ रुपये कराधान से अतिरिक्त आय का अनुमान लगाया गया है। मतबल बकाया वसूली पर निगम का जोर होगा और 40 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी। हालांकि मौजूद वित्तीय वर्ष में लॉक डाउन के कारण नगर निगम की राजस्व वसूली कम हुई थी। नगर निगम ने दुकानों की छतो को भी लीज पर देने व रिक्त भूमियों को व्यवसायिक उपयोग में लाने का भी निर्णय लिया है।

हाउसिंग फॉर ऑल से 1576 करोड़ रुपये आय का अनुमान

नगर निगम इस वित्तीय वर्ष में सरकारी आवास योजनाओं के तहत हाउसिंग फॉर ऑल पर जोर देगा। इसमें 1412 करोड़ रुपये खर्च का ब्योरा तैयार किया गया है। जबकि बजट में राजस्व आय के तौर 1576 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है।

कॉलोनी हस्तातंरण के लिए रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य

निगम को हैंडओवर करने के लिए निजी व सरकारी एजेसियों द्वारा निर्मित कॉलोनियों के लिए अलग-अलग नियम नहीं होंगे। जिन कॉलोनियों में आंतरिक सड़क का कार्य, ओपन ड्रेन, क्रॉस ड्रेन, पुलिया, सीवर लाइन, सेप्टिक टैंक, एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट), पार्क, खेल मैदान, जल प्रदाय व्यवस्था के तहत ओवर हेड टैंक, पंप हाऊस, डिस्ट्रीब्यूशन लाइन, विद्युत व्यवस्था के लिए ट्रांसफार्मर, लाइन, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था पूरी की गई हो। अहम बात यह है कि रैन वाटर हावर्ेिस्टंग सिस्टम को कॉलोनियों के लिए अनिवार्य किया गया है।

कॉलोनी तत्काल हत्तातंरण पर भी होगा जोर

इस दौरान शहर की सभी कॉलोनियां जिनका विकास कार्य पूरा हो चुका है। वह नगर निगम निगम में हस्तांतरित हो सकेंगी। शहर में कई कॉलोनियों की निगम हस्तातंरण की मांग रही है, जो अब तक पूरी नहीं हो सकी है। लिहाजा इस बार नगर निगम सर्वे कर निर्धारित शुक्ल के साथ हस्तांतरित करेगा। बता दें कि बीती परिषद में भी यह निर्णय लिया गया था।